मध्य प्रदेश में सोशल मीडिया पर “बच्चा चोरी” जैसी भ्रामक अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है…
मध्य प्रदेश पुलिस के निर्देश पर क्राइम ब्रांच की सुपर सेल लगातार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी रख रही है। इसी दौरान कुछ ऐसे अकाउंट्स चिन्हित किए गए, जिन्होंने झूठी और भ्रामक पोस्ट शेयर कर लोगों में डर और भ्रम फैलाने की कोशिश की।
पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के अनुसार, पहले से ही आदेश जारी किया गया है कि कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी न तो पोस्ट करे और न ही उसे फॉरवर्ड करे। इसके बावजूद कुछ अकाउंट्स द्वारा “बच्चा चोर” जैसी अफवाहें फैलाकर निर्दोष लोगों को संदिग्ध बताया गया। जांच में सामने आया कि एक वीडियो में दिखाए गए व्यक्ति को बच्चा चोर बताया गया, जबकि इसका कोई सत्य आधार नहीं था।
इसी तरह इंदौर के खजराना क्षेत्र से जुड़े एक मामले में महिला को बच्चा चोर बताकर वीडियो वायरल किया गया, जबकि वह बच्चे की अपनी दादी थी। इस तरह की झूठी खबरों से भीड़ भड़कने और कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा बना रहता है।
पुलिस ने ऐसे तीन सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और अन्य संदिग्ध अकाउंट्स की भी जांच की जा रही है। संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जा रही है।पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अपुष्ट जानकारी को शेयर करने से बचें और जिम्मेदार नागरिक बनें, ताकि अफवाहों पर रोक लगाई जा सके।

