तीसरी संतान पैदा करने वाले शिक्षकों पर विभाग मेहरबान
तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच बाद मामले को डाला था ठंडा बस्ते में
संजय सिंह मझौली
एक तरफ जहां कई विभाग में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा जनसंख्या नीत 2000 एवं सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दिनांक 10 मार्च 2000 को संशोधन किए गए मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 10(9) के शर्तों का उल्लंघन करने पर सेवा समाप्त कर दी गई है।वहीं जनपद पंचायत मझौली अंतर्गत कई शिक्षक उपरोक्त शर्तों को उल्लंघन कर 26 जनवरी 2001 के बाद तीसरी संतान पैदा कर चुके हैं बाबजूद इसके अभी भी सेवा में बने हैं।
सूत्रों के मुताबिक तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा विकासखंड मझौली अंतर्गत पदस्थ शिक्षकों के संबंध में उस समय जानकारी मंगाई गई थी जब मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय में तत्कालीन विधायक संजय शाह मकड़ाई द्वारा 10 दिसंबर 2019 को अतारांकित प्रश्न क्रमांक 559 के तहत सामान्य प्रशासन मंत्री के समक्ष सवाल उठाया था कि जिन शासकीय सेवकों ने जीवित तीन संतानों में तीसरे बच्चे की जानकारी छुपा रखी है।
वह जानकारी ऐसे शासकीय सेवक से प्राप्त कर उनको सेवा से कब तक अपात्र कर दिया जाएगा तथा ऐसे शासकीय सेवकों की कुल संख्या बताएं? इस प्रश्न के बाद पूरे मध्य प्रदेश में प्रत्येक विभाग से जानकारी एकत्रित की गई थी उसी के तहत विकासखंड मझौली से भी जानकारी एकत्रित की गई थी लेकिन फिर उसे मामले में लंबी सौदेबाजी के बाद उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
उदाहरण के तौर पर दिनेश कुमार गुप्ता प्राथमिक शिक्षक यूनिक आईडी BC 2283,नियुक्ति दिनांक 01.07. 1997 एवं तीसरे बच्चे का जन्म 07. 10. 2011 संस्था यू ई जी एस हरिजन बस्ती बोदारी जिसे उन्नयन कर वर्तमान में शासकीय प्राथमिक शाला हरिजन बस्ती बोदारी किया गया है।
इनका कहना है
स्थापना का प्रभार बी ई ओ व संकुल प्राचार्य के पास रहता है यह हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं है।
अयोध्या प्रसाद पटेल बीआरसी मझौली
तीसरी संतान संबंधी मामला हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं है इसके प्रभारी डी ई ओ होते हैं जिनके पास स्थापना व प्रशासनिक प्रभार रहता है।
विनय मिश्रा डीपीसी जिला सीधी
अगर तथ्यात्मक जानकारी होगी तो कार्यवाही अवश्य होगी क्योंकि नियम सबके लिए है और उसका पालन कराना अधिकारियों की जिम्मेदारी भी है।
पवन कुमार सिंह जिला शिक्षा अधिकारी सीधी

