उमरिया युवा मोर्चा अध्यक्ष की कुर्सी पर घमासान, आधा दर्जन दावेदार मैदान में, क्या आएगा कोई सरप्राइज नाम?
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
उमरिया जिले में भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष पद को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। संगठन के भीतर और बाहर चर्चाओं का बाजार गर्म है। मौजूदा परिस्थितियों में कई ऐसे नाम सामने आ रहे हैं, जो अनुभव, सामाजिक समीकरण और संगठनात्मक पकड़ के आधार पर प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। सवाल यही है कि इस बार पार्टी किस चेहरे पर भरोसा जताएगी या फिर कोई चौंकाने वाला नाम सामने लाया जाएगा।
सबसे पहले बात करें मनीष सिंह बघेल की। वर्तमान में युवा मोर्चा के जिला महामंत्री के रूप में कार्यरत मनीष सिंह संगठन में लंबे समय से सक्रिय हैं। वे पूर्व में जनपद सदस्य रह चुके हैं, साथ ही बजरंग दल के जिला सहसंयोजक, मंडल अध्यक्ष, युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष जैसी अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। संगठनात्मक अनुभव उनकी सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है। मनीष सिंह क्षत्रिय समाज से आते हैं और यदि पार्टी एक बार फिर इस समाज पर भरोसा जताती है, तो उन्हें अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिल सकती है।
दूसरा मजबूत नाम विपिन तिवारी का है। उनकी पहचान एक जुझारू छात्र नेता के रूप में रही है। विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक रहते हुए उन्होंने संगठन को जिले में नई मजबूती दी। चंदिया और मानपुर में मॉडल कॉलेज की मांग को लेकर उनका संघर्ष आज भी याद किया जाता है। छात्रसंघ चुनाव में पूरे जिले में पहली बार विद्यार्थी परिषद को जीत दिलाने का श्रेय भी उनके नेतृत्व को दिया जाता है। युवाओं और छात्रों के बीच उनकी गहरी पकड़ है। वर्तमान में युवा मोर्चा के जिला महामंत्री हैं और भाजपा संगठन व सत्ता के शीर्ष नेतृत्व से उनके पुराने संबंध किसी से छिपे नहीं हैं। जिले में वे एकमात्र प्रमुख युवा ब्राह्मण चेहरा माने जा रहे हैं, जो पार्टी की मौजूदा गाइडलाइन के अनुसार हर पैमाने पर फिट बैठते हैं।
सौरभ मिश्रा भी चर्चा में हैं। चंदिया क्षेत्र से आने वाले सौरभ पूर्व में युवा मोर्चा के जिला मंत्री रह चुके हैं। वे जिले के कद्दावर नेता मिथिलेश मिश्रा के सुपुत्र हैं। संगठन और पारिवारिक राजनीतिक अनुभव को देखते हुए पार्टी इस नाम पर भी गंभीरता से विचार कर सकती है।
लगातार दो कार्यकाल से युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष रहे अनुभव शुक्ला भी दावेदारी की कतार में हैं। युवाओं के बीच उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। करकेली क्षेत्र से पहली बार जिला अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर संगठन में मंथन की चर्चाएं हैं।
इसके अलावा नीलेंद्र शुक्ला, जो घुनघुटी क्षेत्र से आते हैं और वर्तमान में पाली ग्रामीण मंडल के अध्यक्ष हैं, सक्रिय युवा नेता के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। क्षेत्रीय संतुलन के लिहाज से उनका नाम भी चर्चा में है।
अब बड़ा सवाल यही है कि उमरिया युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष का ताज किसके सिर सजेगा। क्या पार्टी अनुभवी चेहरे पर दांव लगाएगी, सामाजिक संतुलन साधेगी या फिर किसी नए और चौंकाने वाले नाम से सभी को हैरान करेगी। फिलहाल जिले की राजनीति में इस एक फैसले पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
