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मनरेगा में भ्रष्टाचार का ज़िम्मेदारों ने अपनाया नया तरीका।

राजू गुप्ता ।। State Head @NewsE7Live

By राजू गुप्ता ।। State Head @NewsE7Live

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मनरेगा में भ्रष्टाचार का ज़िम्मेदारों ने अपनाया नया तरीका।

सरकार द्वारा चलाई जाने वाली अतिमहत्वाकांक्षी मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार रोकने और पारदर्शिता लाने शासन अपने स्तर से जितने भी दावे करे कि डिजिटल पंचायत कर कार्यों की डिजिटल निगरानी की जा रही है। लेकिन महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनान्तर्गत शासन के सभी नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए समुदायिक कार्यों में नेशनल मॉनिटरिंग सिस्टम के तहत (एनएमएस) ऐप के माध्यम से मजदूरों की हाजिरी लेने का प्रावधान है। जिसमें ऐप से फोटो खींचने में मजदूरों की संख्या उनके चेहरे अनुसार ऐप ले लेता है। जिससे मस्टर में दर्ज मजदूरों की उपस्थित चिन्हित कर फोटो खींचने का प्रावधान ऐप में है और शासन कहती है कि इस ऐप आधारित (एनएमएस) ऐप से वास्तविक कार्य कर रहे मजदूरों को लाभान्वित किया जाता है। जिससे शासन की राशि का दुरपयोग रोका जा सकता है। परंतु ज़िम्मेदारों ने भ्रष्टाचार करने का नया फार्मूला तैयार कर लिया है। लिहाजा जमीनी हकीक़त कुछ और ही परिलक्षित हो रही है। जहां कार्यस्थल पर हाजिरी लेने में सक्रिय बिचौलियों द्वारा मोबाइल में फोटो रखकर फोटो से फोटो खींचने का काम चरम पर है। गौरतलब है कि मनरेगा योजना में एनएमएस ऐप से कैप्चर की गई फोटो को सत्यापित करने का कार्य पंचायत, ब्लाक और जिले स्तर के अधिकारियों को है। जिनकी निष्क्रियता की वजह से कार्यस्थल में जेसीबी मशीन आदि से काम करवाकर फोटो से फोटो खींचकर जमकर पंचायत ग्रामीण विकास विभाग की गौरवशाली योजना मनरेगा की राशि का बंदरबांट किया जा रहा है। जबकि वास्तविक मजदूर जहां तगाड़ी,फावड़ा लेकर काम ढूंढता फिर रहा है। वही पंचायत के कर्मचारी बिचौलियों को सक्रिय कर फोटो वाले मजदूरों को काम देकर इतिश्री कर रहे हैं।

ऐसा है एक मामला आदिवासी बाहुल्य जनपद पंचायत कुशमी अंतर्गत ग्राम पंचायत आमगांव का प्रकाश में आया है। जहां कुछ ग्रामीणों द्वारा नाम न छापने की शर्त पर बताया गया कि ग्राम पंचायत में 2 नवीन कार्य जिसमें तालाब निर्माण ऊंचे टोला झगरहा और शांति धाम नवानगर के पास पेरीफेरल स्टोन बंड निर्माण कार्य में एनएमएस ऐप से प्रविष्ट की गई मजदूरों की फोटो और मस्टर अनुसार मजदूरों के नाम नहीं हैं। साथ ही छोटे छोटे बच्चों की फोटो एक मोबाइल में पहले से ही खींचकर फिर ऐप वाले मोबाइल से पोर्टल में अप लोडकर उसी फोटो से दर्जनों श्रमिकों की हाजिरी भरी जा रही है। ग्रामीणों की शिकायत पर पत्रिका द्वारा दोनों निर्माण कार्यों की पड़ताल की गई तो ग्रामीणों की शिकायत पर सत्यता झलकती पाई गई है।

इनका कहना:-

ग्राम पंचायत में मनरेगा अंतर्गत चल रहे कार्यों को यहां पदस्थ सचिव राजेश गुप्ता द्वारा कराया जा रहा है। यहां पदस्थ रोजगार सहायक 2 माह पहले निलंबित हो गया है। तकरीबन 10 दिन पहले ग्राम पंचायत पोंडी के रोजगार सहायक को हमारी पंचायत का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

श्यामवती सिंह, सरपंच आमगांव

मुझे 10 दिन पहले ग्राम पंचायत आमगांव का प्रभार मिला है। मेरा आईडी पासवर्ड बन गया है। आपके द्वारा इस मामले को संज्ञान में लाया गया है। यदि ऐसा है तो संबंधित मस्टर रोल को जीरो कर हाजिरी लेने वाले व्यक्ति के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु वरिष्ठ अधिकारियों को पत्राचार किया जाएगा।

शिवम् सिंह, रोजगार सहायक आमगांव

राजू गुप्ता ।। State Head @NewsE7Live

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राजू गुप्ता मध्य प्रदेश के सीधी जिले के एक सक्रिय और ज़मीनी पत्रकार हैं। वे लंबे समय से स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों पर तथ्यात्मक एवं निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते आ रहे हैं।

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