तहसीलदार के स्टे आदेश की उड़ाई धज्जियां! शासकीय सड़क पर बना रहा मकान, शिकायतों के बाद भी नहीं रुका निर्माण
सीधी जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोचिंटा में शासकीय सड़क पर कथित अतिक्रमण का मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव निवासी प्रेमलाल प्रजापति द्वारा शासकीय सड़क की भूमि पर मकान का निर्माण कराया जा रहा है। इतना ही नहीं, निर्माण के लिए सड़क के लगभग दो फीट हिस्से को काटकर कब्जा किए जाने की बात भी सामने आई है। इस मामले को लेकर ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की है।
जानकारी के अनुसार, मामले की शिकायत तहसीलदार गोपदबनास, एसडीएम एवं अन्य संबंधित अधिकारियों से की गई थी। शिकायत मिलने के बाद तहसीलदार राकेश शुक्ला ने निर्माण कार्य पर स्थगन (स्टे) आदेश जारी कर दिया था। इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहने के आरोप लगाए जा रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि स्टे आदेश के बाद भी निर्माण नहीं रुका और संबंधित व्यक्ति द्वारा अपने सहयोगियों के साथ मकान का निर्माण कराया जा रहा है।
मंगलवार को आम आदमी पार्टी के प्रदेश सचिव रामचरण सोनी ने एक बार फिर इस मामले की शिकायत तहसील कार्यालय पहुंचकर की। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासनिक अधिकारी प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि शासकीय सड़क पर भी लोग खुलेआम मकान बना लें और प्रशासन मूकदर्शक बना रहे तो यह कानून व्यवस्था और राजस्व प्रशासन दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
रामचरण सोनी ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में एसडीएम, कलेक्टर एवं कोतवाली थाना प्रभारी को भी ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं, जिससे अतिक्रमण करने वालों के हौसले बुलंद हो रहे हैं।
वहीं, तहसीलदार राकेश शुक्ला ने बताया कि जानकारी मिलने पर उन्होंने तत्काल स्थगन आदेश जारी कर दिया था। उन्होंने कहा कि यदि आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है तो मामले की जांच कराई जाएगी। इसके लिए संबंधित पटवारी को मौके पर भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन जांच के बाद अतिक्रमण हटाने और दोषियों पर कार्रवाई करने के लिए कितना सख्त कदम उठाता है, या फिर यह मामला भी शिकायतों और जांच के बीच ही उलझकर रह जाता है।

