कुएँ में मिले बाघ के शव से हड़कंप, वन विभाग ने चलाया तीन दिन का सघन सर्च अभिया
उमरिया तपस गुप्ता
उमरिया जिले के बीट रायपुर अंतर्गत कुदरी टोला राजस्व क्षेत्र में एक कुएँ से बाघ का शव मिलने की घटना ने वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को अलर्ट कर दिया। यह सूचना दिनांक 08 जनवरी 2026 को सायं लगभग 4 बजे वन विभाग को प्राप्त हुई, जिसके बाद टीम ने बिना देरी किए मौके पर पहुँचकर स्थिति को अपने नियंत्रण में लिया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए कुएँ के आसपास सुरक्षा व्यवस्था की गई और वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल सूचित किया गया। अगले दिन 09 जनवरी 2026 की सुबह बाघ के शव को सावधानीपूर्वक कुएँ से बाहर निकाला गया। शव बाहर निकालने के बाद यह निर्णय लिया गया कि किसी भी संभावित साक्ष्य को नजरअंदाज न किया जाए, इसलिए विस्तृत सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
वरिष्ठ वन अधिकारियों की मौजूदगी में कुएँ में भरे पानी को इलेक्ट्रिक पंप की मदद से बाहर निकाला गया। यह प्रक्रिया काफी समय तक चली, ताकि कुएँ की तलहटी और अंदर मौजूद हर वस्तु की जांच की जा सके। यह सर्चिंग अभियान लगातार तीन दिनों तक चला और 10 जनवरी 2026 को सुबह करीब 11 बजे जाकर पूर्ण हुआ।
सर्च ऑपरेशन के दौरान कुएँ से बाघ के नाखून और दाँत बरामद किए गए, जिन्हें महत्वपूर्ण साक्ष्य मानते हुए सुरक्षित किया गया। इसके बाद विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में बाघ के शव का विधिवत पोस्टमार्टम किया गया। शव परीक्षण की पूरी प्रक्रिया नियमों और तय मानकों के अनुसार संपन्न की गई।
पोस्टमार्टम के उपरांत वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के तहत बाघ के शव का अंतिम संस्कार किया गया। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस पूरी कार्रवाई में पारदर्शिता बरती गई है और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं की गई।
वन विभाग द्वारा यह भी कहा गया है कि बाघ की मृत्यु के कारणों की गंभीरता से जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी भी प्रकार की मानव लापरवाही या अन्य कारण सामने आते हैं, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वन्यजीवों की सुरक्षा में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को दें।
