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Umaria News: बांधवगढ़ में बाघ के शिकार का मामला उजागर,जबड़े, नाखून और दांत सहित अवशेष बरामद, तीन गिरफ्तार

Tapas Gupta

By Tapas Gupta

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Umaria News: बांधवगढ़ में बाघ के शिकार का मामला उजागर,जबड़े, नाखून और दांत सहित अवशेष बरामद, तीन गिरफ्तार

उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (बीटीआर) के धमोखर रेंज में वन्यजीव अपराध का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें पांच लोगों द्वारा मिलकर एक बाघ का शिकार करने का खुलासा हुआ है। वन विभाग की कार्रवाई में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो फरार आरोपियों की तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य रूप से हरदुल बैगा शामिल है, जिससे पूछताछ के बाद यह मामला प्रकाश में आया।

मुखबिर से मिली सूचना पर विभागीय टीम ने ग्राम रोहनिया में हरदुल बैगा के घर पर दबिश दी। जांच के दौरान घर से बाघ से संबंधित महत्वपूर्ण अवशेष जब्त किए गए, जिनमें बाघ का जबड़ा, 13 नाखून, एक कैनाइन और तीन अन्य दांत शामिल हैं। ये जब्ती न केवल अपराध की गंभीरता को दर्शाती है, बल्कि इसने वन विभाग में हड़कंप मचा दिया है। वहीं, आम जनता और वन्यजीव प्रेमियों के बीच इस घटना को लेकर गहरी चिंता व्याप्त है।

बांधवगढ़ के क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने जानकारी देते हुए बताया कि पूछताछ में हरदुल बैगा ने स्वीकार किया है कि बाघ का शिकार उसने अन्य चार लोगों के साथ मिलकर किया था। उसी की निशानदेही पर दो और लोगों को हिरासत में लिया गया है। फिलहाल तीनों आरोपियों से संयुक्त रूप से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के आधार पर जल्द ही यह स्पष्ट किया जाएगा कि शिकार किस स्थान पर और किन परिस्थितियों में हुआ।

सोमवार सुबह आरोपी हरदुल बैगा को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे रिमांड पर लेते हुए गहन पूछताछ की अनुमति दी गई है। वन विभाग अब फरार दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत है। साथ ही, शिकार में प्रयुक्त उपकरणों और अन्य अवशेषों की बरामदगी के लिए भी कार्रवाई जारी है।

 

क्षेत्रीय उप संचालक पी के वर्मा ने बताया कि इस अपराध को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत गंभीरता से लिया गया है और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि बाघ जैसे संरक्षित जीव का शिकार न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए भी एक गंभीर खतरा है।

यह घटना इस बात की चेतावनी है कि वन्यजीव सुरक्षा को लेकर हमारी सतर्कता और जिम्मेदारी में अभी भी भारी कमी है। बांधवगढ़ जैसे संवेदनशील टाइगर रिजर्व में इस तरह की घटनाएं संरक्षण तंत्र को और अधिक सशक्त करने की आवश्यकता की ओर इशारा करती हैं।

Tapas Gupta

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मै तपस गुप्ता 9 सालों से लगातार पत्रकारिता मे सक्रिय हूं, समय पर और सटीक जानकारी उपलब्ध कराना ही मेरी पहली प्राथमिकता है। मो-7999276090

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