चंदिया वन परिक्षेत्र में करंट से बाघ टी-185 की मौत, वन विभाग की जांच में जुटी टीमें
उमरिया तपस गुप्ता (7999276060)
जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से एक गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। चंदिया वन परिक्षेत्र के जंगल में एक नर बाघ की करंट लगने से मौत हो गई। मृत बाघ की पहचान टी-185 के रूप में हुई है, जिसकी उम्र करीब 8 वर्ष बताई जा रही है। बाघ का शव शनिवार को आरएफ-10 क्षेत्र में संदिग्ध हालात में मिला था, जिसके बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया।
सूचना मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया। रविवार को डॉक्टरों की विशेष टीम ने अधिकारियों की निगरानी में बाघ का पोस्टमॉर्टम किया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि बाघ की मौत करंट लगने से हुई है, जिससे इस घटना को अवैध शिकार से जोड़कर देखा जा रहा है।
घटना के बाद वन विभाग ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। शिकारियों की तलाश की जा रही है जबकि डॉग स्क्वॉड की मदद से आसपास के जंगल और संभावित रास्तों पर सघन सर्चिंग की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि किसी ने जानबूझकर जंगल में करंट फैलाया था, जिसकी चपेट में आकर बाघ की जान चली गई।
बताया गया है कि बाघ टी-185 बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के खितौली और चंदिया वन परिक्षेत्र में सक्रिय था और नियमित रूप से इन इलाकों में विचरण करता था। यह क्षेत्र बाघों की मौजूदगी के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है। घटना के बाद से वन विभाग ने गश्त बढ़ा दी है और अवैध बिजली तारों की जांच भी की जा रही है।
शहडोल के प्रभारी मुख्य वन संरक्षक अनुपम सहाय ने बताया कि प्रारंभिक जांच में करंट से मौत की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि मामले की गहन जांच जारी है और दोषियों को जल्द पकड़कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पोस्टमॉर्टम के बाद मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम की चंदिया रोपणी में सुरक्षित स्थान पर बाघ का अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर वन्यजीव सुरक्षा और जंगलों में अवैध गतिविधियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
