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खेत से घर के बिस्तर तक बाघ की दहशत,बांधवगढ़ से सटे बेल्दी गांव में टाइगर की एंट्री, एक ग्रामीण घायल

Tapas Gupta

By Tapas Gupta

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खेत से घर के बिस्तर तक बाघ की दहशत,बांधवगढ़ से सटे बेल्दी गांव में टाइगर की एंट्री, एक ग्रामीण घायल

उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)

जिले के विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से सटे बेल्दी गांव में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक बाघ को पहले खेत में बैठे देखा गया और कुछ ही देर में वह गांव की आबादी में घुस आया। बाघ की मौजूदगी की खबर फैलते ही पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपने घरों के दरवाजे बंद कर सहम गए, जबकि कई ग्रामीण उत्सुकता में दूर से ही बाघ को देखने जुट गए।

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स्थिति उस वक्त और गंभीर हो गई जब बाघ गांव में स्थित दुर्गा प्रसाद द्विवेदी के मकान के अंदर घुस गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बाघ सीधे घर के भीतर पहुंचा और एक कमरे में रखे बिस्तर पर बैठ गया। घर के अंदर बाघ के बिस्तर पर बैठने की खबर से गांव में दहशत फैल गई। आसपास के लोग घरों से बाहर निकलने से डरते रहे और बच्चों व बुजुर्गों को सुरक्षित कमरों में रखा गया।

इसी दौरान एक और चिंताजनक घटना सामने आई। बताया जा रहा है कि बाघ ने स्थानीय ग्रामीण गोपाल पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हमले में गोपाल लहूलुहान हो गया, जिसे परिजनों और ग्रामीणों की मदद से तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। इस घटना के बाद गांव में भय का माहौल और गहरा गया है।

सूचना मिलते ही पनपथा बफर क्षेत्र की वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। वन अमले ने गांव और आसपास के इलाके में घेराबंदी कर बाघ की लगातार निगरानी शुरू कर दी है। लाउडस्पीकर और मौके पर मौजूद कर्मचारियों के माध्यम से ग्रामीणों से अपील की जा रही है कि वे घरों से बाहर न निकलें, भीड़ न लगाएं और किसी भी तरह से बाघ के पास जाने की कोशिश न करें।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बेल्दी गांव बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से सटा हुआ इलाका है और यहां पहले भी बाघों की आवाजाही देखी जाती रही है। कुछ दिन पहले चिल्हारी के गड़रिया हार क्षेत्र में देखी गई एक बाघिन को 26 दिसंबर को रेस्क्यू कर माधव टाइगर रिजर्व भेजा गया था। लगातार हो रही इन घटनाओं से यह साफ है कि बाघ आबादी वाले क्षेत्रों की ओर बढ़ रहे हैं।

फिलहाल वन विभाग की प्राथमिकता बाघ को सुरक्षित तरीके से गांव से बाहर निकालना और किसी भी तरह की जनहानि को रोकना है। गांव में सतर्कता बढ़ा दी गई है और ग्रामीण डर के साये में समय गुजार रहे हैं।

Tapas Gupta

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मै तपस गुप्ता 9 सालों से लगातार पत्रकारिता मे सक्रिय हूं, समय पर और सटीक जानकारी उपलब्ध कराना ही मेरी पहली प्राथमिकता है। मो-7999276090

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