बांधवगढ़ में बाघों की भिड़ंत, घायल शावक का रेस्क्यू कर भेजा गया उपचार के लिए
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से एक चिंताजनक लेकिन राहत भरी खबर सामने आई है। वन परिक्षेत्र ताला की बीट भद्रशिला में बाघों के बीच संघर्ष की घटना के बाद एक घायल शावक को सुरक्षित रेस्क्यू कर उपचार के लिए भेजा गया।
जानकारी के अनुसार, कोलुहावाह कैम्प में तैनात श्रमिकों को तड़के जंगल से बाघों के आपसी संघर्ष की तेज आवाजें सुनाई दीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही उप संचालक और सहायक संचालक के निर्देशन में वन अमले की टीम मौके के लिए रवाना हुई।
वन विभाग की टीम ने पेट्रोलिंग वाहन और पैदल गश्ती दल के साथ क्षेत्र में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इसके साथ ही दो हाथियों की मदद से पूरे इलाके की गहन निगरानी की गई। काफी तलाश के बाद एक बाघ का करीब छह माह का शावक घायल अवस्था में बैठा मिला, जबकि थोड़ी दूरी पर एक वयस्क बाघ भी नजर आया।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए टीम ने सावधानीपूर्वक रणनीति अपनाई। हाथियों की मदद से वयस्क बाघ को सुरक्षित दूरी पर खदेड़ा गया, ताकि शावक का रेस्क्यू किया जा सके। इसके बाद वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तोमर ने शावक को बेहोश कर प्राथमिक उपचार दिया।
जांच में पाया गया कि शावक के दोनों पिछले पैरों में गंभीर चोटें थीं। उसके शरीर पर गर्दन, पीठ और पैरों में गहरे घाव थे, जो संभवतः दूसरे बाघ के दांतों के हमले से बने थे। आंतरिक रक्तस्राव के भी संकेत मिले, जिससे उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई थी।
प्राथमिक उपचार के बाद वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति से घायल शावक को बेहतर इलाज के लिए मुकुन्दपुर चिड़ियाघर भेज दिया गया। फिलहाल वन विभाग की टीम घटना स्थल के आसपास लगातार निगरानी बनाए हुए है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके।
यह घटना जंगल में वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार और संघर्ष को दर्शाती है, वहीं वन विभाग की तत्परता ने एक बेशकीमती जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।


