टॉपर को ‘टॉप’ गिफ्ट: मेहनत के इनाम में मिली पानी की बोतल!
मेहनत लाखों की, इनाम सैकड़ों का ग्राम पंचायत की ‘सम्मान’ नीति पर उठे सवाल
समाचार सीधी
मध्यप्रदेश में शिक्षा और प्रतिभा को प्रोत्साहन देने के दावे अक्सर सुनाई देते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कई बार इन दावों का मज़ाक बनाती नजर आती है। जहा ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां कक्षा 10वीं के मेधावी छात्र अभय गुप्ता को ग्राम पंचायत चकड़ौर की ओर से सम्मानित तो किया गया, लेकिन जो उपहार दिया गया, उसने लोगों को हैरानी में डाल दिया।
उच्च अंक प्राप्त कर अपने गांव और परिवार का नाम रोशन करने वाले इस छात्र को पुरस्कार स्वरूप एक साधारण पानी की बोतल भेंट की गई। जिसकी यह घटना अब चर्चा का विषय बन चुकी है और सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं कि क्या यही है प्रतिभा का सम्मान?
अब ग्रामीणों का कहना है कि जिस छात्र ने सीमित संसाधनों में रहकर इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल की, उसे आगे की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए था। कई लोगों का मानना है कि ग्राम पंचायत चाहती तो छात्र को लैपटॉप जैसे उपयोगी संसाधन उपलब्ध करा सकती थी, जिससे उसकी आगे की तैयारी में मदद मिलती।
जहा इस घटना ने पंचायतों की प्राथमिकताओं और खर्च के तरीकों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर विकास और शिक्षा के नाम पर बड़े-बड़े बजट की बातें होती हैं, वहीं दूसरी ओर वास्तविक जरूरतों के समय केवल औपचारिकता निभाकर जिम्मेदारी पूरी कर ली जाती है।
वही यह मामला केवल एक छात्र का नहीं, बल्कि उस सोच का प्रतीक बन गया है, जहां दिखावे को प्राथमिकता दी जाती है और असल जरूरतें नजरअंदाज हो जाती हैं। अब देखना यह होगा कि क्या इस तरह की घटनाओं से व्यवस्था में कोई बदलाव आता है या फिर प्रतिभाएं इसी तरह प्रतीकात्मक सम्मान के सहारे आगे बढ़ने को मजबूर रहेंगी।

