वन क्षेत्र से जारी है रेत का अवैध कारोबार,रेंजर,डिप्टी व विभाग सवालों के घेरे में

मझौली

तहसील क्षेत्र मझौली अंतर्गत सामान्य वन परिक्षेत्र,संजय टाइगर रिजर्व एवं सोन घड़ियाल प्रतिबंधित क्षेत्र की सीमाएं लगती हैं जहां रेत का कारोबार जारी है जिस कारण रेंजर,डिप्टी रेंजर एवं विभाग भी सवालों के घेरे में देखा जा रहा है?

सूत्रों की माने तो सामान्य वन परिक्षेत्र के सीमा चमराडोल, बोदारी टोला, परसिली,नौढ़िया,सेमारिहा, छुही,तिलवारी,पांड,पोड़ी,खमचौरा से रेत निकासी का कारोबार हो रहा है।इसी तरह सोन घड़ियाल एवं संजय टाइगर रिजर्व की सीमा से भी रेत निकासी की जाती है लेकिन संबंधित विभाग कुम्भकरणी नीद मे सोया हुआ है ।

नामचार मे सिमटी दिखावे की कारवाही

सूत्रों की माने तो वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री मिश्रा की पदस्थापना पर लोगों मे उम्मीद जगी थी की वन सीमा से उत्तखनन व परिवहन पर उनके द्वारा सिकंजा कसा जाएगा व रेत के कारोबार मे लगाम लगेगा लेकिन दो चार महीनों मे इक्का दुक्का नामचार के लिए कार्यवाही उनके क्रिया कलापों पर भी सवाल खड़ा करती हैं की जब रोज लगभग आधा सैंकड़ा वाहन जंगलों से रेत निकाल रहें हैं तो उनपर कार्यवाही से परहेज क्यों?

जल स्तर पर पड़ रहा दुष्प्रभाव

जानकारों की माने तो नदी नालों से अंधाधुंध रेत निकासी के कारण दिनों दिन जलस्तर नीचे जा रहा है इस कारण वन्यजीव एवं जल जीवन पर खतरा मंडरा रहा है।

इनका कहना

हमारे घर के सामने ही नदी है जहां शाम होते ही कई ट्रैक्टर एवं 407 वहां आते हैं एवं पूरी रात रेत निकासी करते हैं।

मोतीलाल नापित चमरा डोल

अगर हम ग्रामीण अपने निजी कार्य के लिए रेत निकासी करते हैं तो जंगल विभाग के कायदे कानून लागू हो जाते हैं लेकिन रात भर रेत माफियाओं द्वारा रेत निकासी की जाती है लेकिन उनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं होती है यह हम ग्रामीणों की पीड़ा है।

राजेश भुर्तिया सेमरिया

जंगल सीमा से रेत निकासी हो रही है जिससे नदी नाला सूख रहे हैं।वन विभाग वाले कार्रवाई नहीं करते हैं जिससे उनके ऊपर भी सवाल उठता है की उन्हीं के संरक्षण में तो नहीं रेत का कारोबार हो रहा है।

राम लखन सिंह गोंड बोदारी टोला