पहले क्यों सोया था खनिज विभाग,News E7 Live की खबर के बाद जागा प्रशासन
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
जिले में अवैध कोयला परिवहन को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच आखिरकार प्रशासन हरकत में आता नजर आया है। लंबे समय से जिले से गुजर रहे संदिग्ध कोयला वाहनों को लेकर चर्चाएं थीं, लेकिन जिम्मेदार विभाग कार्रवाई के बजाय चुप्पी साधे बैठा था। अब जब News E7 Live ने बिना कागज और ओवरलोड कोयला परिवहन के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया, तब जाकर खनिज विभाग की टीम मैदान में दिखाई दी।
सुबह के अंधेरे में दौड़ रहा कोयले का खेल, बिना कागज पार हो रहे वाहन

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कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय के निर्देश पर खनिज विभाग द्वारा चंदिया तहसील अंतर्गत महानदी फॉरेस्ट बैरियर के पास कार्रवाई करते हुए ट्रक क्रमांक एमपी 18 जेडडी 6011 को पकड़ा गया। जांच में वाहन में अवैध रूप से कोयला परिवहन पाया गया, जिसके बाद ट्रक को जब्त कर चंदिया थाना में खड़ा कराया गया है। कार्रवाई मध्यप्रदेश खनिज अवैध उत्खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण नियम 2022 के तहत की जा रही है।
हालांकि इस कार्रवाई के बाद अब सबसे बड़ा सवाल खुद खनिज विभाग और खनिज अधिकारी डॉ. विद्याकांत तिवारी की कार्यप्रणाली पर खड़ा हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले में अवैध कोयला परिवहन कोई नई बात नहीं है। रोजाना सुबह के समय बड़ी संख्या में कोयला वाहन शहडोल से कटनी मार्ग की ओर गुजरते हैं। कई वाहनों में दस्तावेज नहीं होते, कई ओवरलोड चलते हैं, फिर भी कार्रवाई कभी-कभार ही दिखाई देती है।
लोगों का आरोप है कि यदि मीडिया इस मुद्दे को नहीं उठाता तो शायद यह कार्रवाई भी नहीं होती। यही वजह है कि अब सवाल पूछा जा रहा है कि आखिर इतने दिनों तक खनिज विभाग क्या कर रहा था | क्या विभाग को इस पूरे खेल की जानकारी नहीं थी, या फिर सब कुछ जानते हुए भी आंखें मूंद ली गई थीं।
खनिज विभाग की टीम में सहायक खनिज अधिकारी दिवाकर चतुर्वेदी, खनि निरीक्षक प्रभात कुमार पट्टा एवं प्रभारी खनि निरीक्षक एन.एस. आर्मो भी शामिल रहे। लेकिन क्षेत्र में चर्चा इस बात की ज्यादा है कि एक ट्रक पकड़ लेने भर से क्या पूरे नेटवर्क पर लगाम लग जाएगी? लोगों का कहना है कि यदि ईमानदारी से सुबह के समय लगातार जांच अभियान चलाया जाए तो कई बड़े नाम और बड़े खेल सामने आ सकते हैं।
फिलहाल News E7 Live की खबर के बाद हुई यह कार्रवाई जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। अब देखना होगा कि खनिज विभाग केवल दिखावटी कार्रवाई तक सीमित रहता है या फिर अवैध कोयला परिवहन के पूरे नेटवर्क पर सख्त प्रहार करता है।


