कुसमी में ओलंपियाड की गूंज,प्रतिभा की पहचान से आत्मविश्वास की उड़ान तक, मॉडल स्कूल बना जिले का शैक्षणिक केंद्र
कुसमी।
प्रतिभा को अवसर मिले तो गांव-कस्बों से भी उत्कृष्टता की नई इबारत लिखी जाती है—इस कथन को साकार करता नजर आया मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुसमी, जहां जिला स्तरीय (द्वितीय चरण) ओलंपियाड परीक्षा का सफल आयोजन हुआ। यह परीक्षा सिर्फ प्रश्नों और उत्तरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि बच्चों के आत्मविश्वास, अभिभावकों की उम्मीदों और शिक्षकों की प्रतिबद्धता का साझा मंच बनी।
मध्यप्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार, कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सीधी के निर्देशन तथा जिला शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केंद्र सीधी के मार्गदर्शन में यह आयोजन बीआरसीसी अंगिरा प्रसाद द्विवेदी द्वारा किया गया। परीक्षा OMR शीट आधारित रही, जिससे पारदर्शिता और गुणवत्ता का संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया।
ओलंपियाड परीक्षा में कक्षा 2 से 8 तक के वे विद्यार्थी शामिल हुए, जिन्होंने जनशिक्षा केंद्र स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिला स्तर तक का सफर तय किया। परीक्षा तीन पालियों में संपन्न हुई—सुबह 10 से 11.30, दोपहर 12 से 1.30 और अपराह्न 2 से 3.30 बजे तक। कुल 647 विद्यार्थियों का लक्ष्य निर्धारित था, जिनमें प्रथम दिवस 302 विद्यार्थियों के सापेक्ष 199 विद्यार्थियों की सहभागिता रही।
इस आयोजन का एक अलग और सकारात्मक पक्ष यह रहा कि परीक्षा के बाद छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को एक साथ बैठाकर भोजन कराया गया। यह पहल परीक्षा केंद्र को केवल एक औपचारिक स्थल नहीं, बल्कि संवाद और सामुदायिक सहभागिता का केंद्र बनाती दिखी। अभिभावकों ने भी शासन की इस पहल को ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए “नया रास्ता” बताया।
केंद्राध्यक्ष राजकुमार सिंह, प्राचार्य मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुसमी द्वारा की गई व्यवस्थाओं को अत्यंत सुव्यवस्थित और अनुकरणीय पाया गया। प्रथम दिवस की परीक्षा शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। विकासखंड स्तर पर 16 एवं 17 जनवरी को होने वाली परीक्षाओं को लेकर छात्रों में विशेष उत्साह देखा गया।
