ढ़ाबों में खुलेआम परोसी जा रही है अवैध शराब…
सोनवर्षा टोल प्लाजा के समीप कई घर भी हो चुके हैं ढाबे में तब्दील…
सीधी
बीते कई महीनों से एनएच- 39 रीवा सीधी मार्ग के ढाबों में खुलेआम शराब की बिक्री की जा रही है और सब कुछ जानते हुए भी आबकारी विभाग तथा संबंधित क्षेत्र के थाने की पुलिस मौन है।
राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक- 39 में माल वाहकों के ड्राइवर और खलासी को आकर्षित करने के लिए तरह-तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराने की होड़ मची है। लिहाजा माल वाहकों के कर्मचारी भी जिन ठिकानों में ज्यादा सुविधाएं मिलती हैं वहां रात-दिन अपना अड्डा जमाए रहते हैं। इसी तरह की सुविधाएं देने को लेकर जिला मुख्यालय के समीपी सोनवर्षा टोल प्लाजा के समीप कुछ घर भी सुर्खियों में हैं।
बताया गया है कि देखने में ये घर भले ही छोटे हैं लेकिन यहां सभी तरह की सुविधाएं माल वाहकों के ड्राइवर और खलासी को उपलब्ध कराई जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना हैै कि कई महीनों से यहां भारी माल वाहकों के काफी संख्या में रुकने के बाद जब ध्यान दिया गया तो मालुम पड़ा कि यहां माल वाहकों के कर्मचारियों को आकर्षित करने के लिए ढाबे के साथ ही अवैध मादक सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है। जिसके चलते यहां ड्राइवर एवं खलासी कई घंटे तक अपना समय गुजारते हैं। इसके एवज में मनमानी राशि ऐंठने का सिलसिला भी चल रहा है। माल वाहकों को ज्यादा से ज्यादा अपने अड्डे में रोकने के लिए कुछ अन्य ढाबे भी चर्चा में बने हुए हैं। इसके बावजूद भी इन पर कभी भी जिम्मेदार विभागीय अमले का ध्यान नहीं जाता।
हादसों की बनी रहती है संभावना
राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे पटरी पर काफी संख्या में माल वाहकों के खड़े रहने के कारण सडक़ हादसे की संभावना भी गंभीर रूप से बनी रहती है। राष्ट्रीय राजमार्ग होने के कारण हर समय छोटे-बड़े वाहन तेज रफ्तार से गुजरते हैं। उस दौरान यहां माल वाहकों के खड़े रहने से हादसे होने की संभावना भी प्रबल हो जाती है।
इस संबंध में स्थानीय लोगों का कहना है कि टोल प्लाजा होने के कारण यहां माल वाहकों के घंटों खड़ा रहना आम बात है लेकिन कुछ नये अड्डे भी अवैधानिक तरीके से तैयार हो रहे हैं। जिसके चलते आसपास के लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। एकांत स्थानों में संचालित ढाबों में असामाजिक तत्वों की आवाजाही भी बनी रहती है।
ढाबा संचालक ज्यादा से ज्यादा लोगों को आकर्षित करने के लिए मनमानी तरीके से अवैध मादक सामग्री की सुविधा भी उपलब्ध कराते हैं। ये अवश्य है कि यहां आने वाले लोग इसके लिए मुंहमांगी कीमतें भी देते हैं। ऐसे में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे संचालित होने वाले ढावों की निगरानी नियमित रूप से होनी जरूरी है। साथ ही यह भी निर्धारित होना चाहिए कि व्यस्ततम सडक़ के किनारे भारी वाहनों का जमावड़ा न रहे। इस मामले में पुलिस द्वारा भी अभी तक कोई विशेष पहल नहीं की गई है। जिसके चलते सोनवर्षा टोल प्लाजा क्षेत्र काफी तेजी के साथ ढावों का अड्डा बनता जा रहा है।
