जम्मू-कश्मीर में uttarakhand का लाल शहीद, आतंकवादियों से मुठभेड़ में लगी गोली
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकियों से हुई मुठभेड़ में uttarakhand का लाल गजेंद्र सिंह गढ़िया शहीद हो गए हैं. गजेंद्र सिंह गढ़िया मूल रूप से बागेश्वर जिले के रहने वाले थे. जो जम्मू-कश्मीर में तैनात थे. वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गजेंद्र सिंह गढ़िया के निधन पर शोक व्यक्त किया है.
जानकारी के मुताबिक, जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के सिंहपोरा क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान गजेंद्र सिंह गढ़िया की आतंकवादियों से मुठभेड़ हुई. इस मुठभेड़ में uttarakhand के गजेंद्र सिंह गढ़िया भी गंभीर रूप से घायल हो गए. डॉक्टरों उन्हें बचाने का काफी प्रयास किया, लेकिन उपचार दौरान गजेंद्र सिंह गढ़िया का निधन हो गया.
सैन्यभूमि उत्तराखंड के वीर सपूत बागेश्वर जनपद निवासी हवलदार गजेन्द्र सिंह गढ़िया का जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के सिंहपोरा क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ में शहीद होने का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ. ईश्वर से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को श्री चरणों में स्थान एवं शोक संतप्त परिजनों को यह असीम कष्ट सहने की शक्ति प्रदान करें.
बीथी पन्याती गांव के रहने वाले थे हवलदार गजेंद्र सिंह: बता दें कि जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकियों के खिलाफ चल रहे अभियान के दौरान उत्तराखंड के लाल हवलदार गजेंद्र सिंह ने देश की रक्षा करते हुए प्राणों की आहुति दी है. शहीद हवलदार गजेंद्र सिंह बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र अंतर्गत बीथी पन्याती गांव के रहने वाले थे.
स्पेशल फोर्सेस की इकाई का हिस्सा थे गजेंद्र सिंह: हवलदार गजेंद्र सिंह आतंकवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में तैनात स्पेशल फोर्सेस की इकाई का हिस्सा थे. रविवार को सेना को किश्तवाड़ के सिंहपोरा इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना मिली थी. जिसके बाद सुरक्षा बलों ने इलाके को घेरते हुए सर्च ऑपरेशन शुरू किया. तभी से आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ जारी है.
गजेंद्र सिंह की शहादत पर पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर: आतंकियों के सफाए के लिए सेना की ओर से ऑपरेशन TRASHI-I चलाया जा रहा है. इस अभियान के दौरान आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर ग्रेनेड से हमला कर दिया. इस हमले में 8 जवान गंभीर रूप से घायल हो गए थे. सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान हवलदार गजेंद्र सिंह ने अंतिम सांस ली. हवलदार गजेंद्र सिंह की शहादत से पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर है.
