UGC के नए कानून के खिलाफ अनोखा प्रतिरोध, खून से लिखे पत्र के जरिए पीएम से वापसी की मांग
UGC के नए कानून को लेकर विरोध के स्वर लगातार तेज होते जा रहे हैं। इसी कड़ी में अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज और श्रावण सेना से जुड़े पदाधिकारियों ने एक बेहद अनोखा और भावनात्मक विरोध दर्ज कराते हुए सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की है। प्रदेश सचिव सतीश चौबे के नेतृत्व में श्रावण सेना के जिला अध्यक्ष अनुराग मिश्रा, मुकेश पांडे, प्रकाश मिश्रा और संदीप तिवारी ने अपने खून से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पत्र लिखकर इस UGC कानून को तत्काल वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यूजीसी का नया कानून शिक्षा व्यवस्था में संतुलन बिगाड़ने वाला है और इससे सामान्य वर्ग के अधिकारों को गंभीर क्षति पहुंचेगी। प्रदेश सचिव सतीश चौबे ने आरोप लगाया कि यह कानून समाज में विभाजन को बढ़ावा देगा और शैक्षणिक संस्थानों में असमानता तथा वैमनस्य की स्थिति उत्पन्न करेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य समरसता और समान अवसर देना होना चाहिए, लेकिन यह कानून ठीक इसके विपरीत परिणाम लेकर आएगा।
श्रावण सेना के जिला अध्यक्ष अनुराग मिश्रा ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस कानून को वापस नहीं लिया गया तो विरोध प्रदर्शन को और व्यापक स्तर पर ले जाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन सिर्फ एक संगठन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जरूरत पड़ी तो इसे देशव्यापी आंदोलन का रूप दिया जाएगा। अन्य पदाधिकारियों ने भी सरकार से अपील की कि वह जनभावनाओं को समझे और शिक्षा से जुड़े ऐसे निर्णयों पर पुनर्विचार करे।
खून से लिखे गए पत्र के माध्यम से प्रधानमंत्री से भावनात्मक आग्रह किया गया कि यह कानून देश के लाखों युवाओं और शिक्षित वर्ग की अपेक्षाओं के खिलाफ है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका यह कदम किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के हित में उठाया गया है।
