धान खरीदी केंद्र में व्यापारी डालते हैं धन,कमिश्नर का चलता है पूरा खेल, समिति प्रबंधक से लेकर किसानों को भी मिलता है उनके खाते में डालने पर कमीशन,…
धान खरीदी केंद्रों पर व्यापारियों द्वारा अवैध रूप से धान खपाने और कमीशन का खेल जोरों पर है, जिसमें समिति प्रभारियों से लेकर सर्वेयर तक लिप्त हैं। किसान के बजाय व्यापारियों की धान खपाने के लिए प्रति क्विंटल कमीशन और अवैध तुलाई शुल्क लिया जा रहा है। राज्य सरकार 2025-26 के लिए धान का MSP 2,369 रुपये प्रति क्विंटल तय कर चुकी है।
मुख्य अनियमितताएँ:
व्यापारी-प्रभारी गठजोड़: असली किसान के बजाय बिचौलिए और व्यापारी अपना धान केंद्र प्रभारी की मिलीभगत से खपा रहे हैं।
कमीशन का खेल: धान की तुलाई, स्केटिंग और बोरा भरती में प्रति क्विंटल अनधिकृत पैसा (कमीशन) वसूला जा रहा है।
सर्वेयर की भूमिका: केंद्र पर डंप की गई धान में सर्वेयर द्वारा जानबूझकर कमी निकालकर या खराब गुणवत्ता बताकर कमीशन माँगा जाता है।
पंजीयन का दुरुपयोग: कुछ जगहों पर अन्य प्रदेश से धान लाकर स्थानीय केंद्र में बेचे जाने की शिकायतें भी लगातार मिलती रही है पर अधिकारियों के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई फिलहाल धन बिक्री का समय तो अब निकल चुका।
नियम और प्रावधान (खरीफ विपणन सत्र 2025-26):
MSP: सामान्य धान के लिए ₹2,369 प्रति क्विंटल (प्रोत्साहन राशि सहित)।
पंजीयन अनिवार्य: केवल पंजीकृत किसान ही सोसायटी में धान बेच सकते हैं।
भुगतान: ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से धान का भुगतान सीधे किसान के बैंक खाते में किया जा रहा है।
लेकिन पूरा खेल यहां खेला जाता है पहले तो ऐसे किसानों को ढूंढा जाता है जिनके ज्यादा से ज्यादा पंजीयन बना हो फिर उसे सौदा किया जाता है ₹1 प्रति किलो उसके बाद समिति प्रबंधक का 50 पैसा प्रति किलो कमीशन तय हो जाता है।
भुगतान होने पर व्यापारी के द्वारा प्रति कुंतल के हिसाब से पैसे दे दिए जाते हैं पहले ही फिर किस अपने खाते से पैसे निकालकर व्यापारियों को देते हैं ऐसे चलता है पूरा खेल…
मध्य प्रदेश में धान कटाई के समय पर काफी बारिश हुई थी जिसके चलते कई किसानों के धान बर्बाद हो चुके थे उसके बावजूद भी 100% खरीदी धान की समिति प्रबंधक के द्वारा किया गया।
जरा इस वीडियो को देखें फिर करेंगे आगेचर्चा...
जिस प्रकार से मध्य प्रदेश में बारिश ने कोहराम मचाया था इससे साफ जाहिर होता है कि धान के खेल पर ऊपर से लेकर नीचे तक पूरी दाल ही काली है…
