Sidhi news:डिप्टी रेंजर व रेत माफिया के सांठ गांठ की कलई खुली,गश्ती दल ने पकड़े रेत से भरे दो ट्रैक्टर
संजय सिंह मझौली
Sidhi news:वन परिक्षेत्र मझौली अंतर्गत वृत्त चमराडोल में पदस्थ परिक्षेत्र सहायक जी एन सिंह चौहान व रेत माफिया के बीच लंबे समय से सांठ–गांठ की गश्ती दल ने रेत से भरे बगैर दस्तावेज के ट्रैक्टर व सहयोग में एक बोलेरो वाहन एवं एक मोटरसाइकिल को जप्त कर कलई खोल कर रख दी।
वन परिक्षेत्र मझौली अंतर्गत चमराडोल वृत्त अंतर्गत लंबे समय से रेत उत्खनन व परिवहन परिक्षेत्र सहायक के सांठ गांठ से किए जाने की क्षेत्र में व्यापक चर्चाएं थी जिसमें गश्ती दल द्वारा दिनांक 5 फरवरी 2026 को वन परिक्षेत्र अधिकारी सतीश चंद्र मिश्रा के नेतृत्व में बीट चमराडोल के कक्ष क्रमांक आर 13 11 (आर 490) वन खंड मड़वास पाठ की वन सीमा पड़वारी नाला से वनोपज रेत का अवैध उत्खनन एवं चोरी कर वाहन ट्रैक्टर आईसर वाहन क्रमांक एमपी 53 जेड बी 5436 बगैर दस्तावेज/टी पी अवैध परिवहन के दौरान वाहन की नाकाबंदी कर सीधी से व्योहारी मुख्य मार्ग दड़ौर पहुंच मार्ग पर जप्त कर वैधानिक कार्यवाही की गई।
मौके से ही वाहन बोलोरो क्रमांक एमपी 18डी 0982 के साथ एक मोटरसाइकिल क्रमांक एम पी 18 एम एस 1188 को वन अपराध के सहयोग में संलिप्प पाए जाने पर जप्त किया गया एवं मौके की कार्यवाही पूर्ण कर अपराध क्रमांक 72/16 दिनांक 05.02. 2026 दर्ज किया गया।
इसी प्रकार उक्त जप्ती कार्यवाही उपरांत 5 फरवरी को ही रात्रि गश्ती के दौरान मझौली से मड़वास मुख्य मार्ग पर ग्राम खड़ौरा में वनोपज रेत से भरे बिना किसी वैध दस्तावेज के परिवहन करते हुए ट्रैक्टर महिंद्रा वाहन क्रमांक एम पी 18 एबी 1454 को भी जप्ती की कार्यवाही कर उपवन मंडल अधिकारी मझौली को वाहनों को राजसात करने की कार्यवाही की जाकर वन अपराध क्रमांक 93/12 दिनांक 05.02.2026 पंजीबद्ध किया गया। घटनास्थल के पास ही बीट मझौली के कक्ष क्रमांक आर 1331(आर491) वनखंड चोरवा स्थिति है।अभियुक्त वाहन मालिक के विरुद्ध पूर्व में भी वनोपज परिवहन में संलिप्तता पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई की गई थी।
Sidhi news:परिक्षेत्र अधिकारी के नेतृत्व में की गई ताबड़तोड़ कार्यवाही से जहां एक ओर परिक्षेत्र सहायक जी एन सिंह के इमानदारी की सारी कलई खुल गई है वहीं दूसरी ओर रेत माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है।
वन चौकी के बगल से निकल रही थी रेत
रेत के अवैध उत्खनन व परिवहन को लेकर समाचार पत्रों में खबर प्रकाशन कर वन विभाग की निष्क्रियता पर सवाल उठाया गया था क्योकि जिस वन सीमा की जगहों से रेत निकाला जाता है ठीक बगल में विभाग की चौकी व जिम्मेवारों के रहने के लिए कमरे बनाए गए इसके बाद भी बड़े पैमाने पर रेत का कारोबार फल फूल रहा है।
