Sidhi news:राजनीतिक संरक्षण में फल-फूल रहे भूमाफिया, एक पटवारी की गलती से यादव परिवार की पुश्तैनी जमीन पर संकट
Sidhi news:सीधी जिले के मड़वा थाना अंतर्गत धुआं डॉल क्षेत्र में भूमाफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब पुश्तैनी जमीन के असली हकदार वर्षों से न्यायालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं। मामला यादव परिवार की पैतृक भूमि से जुड़ा है, जहां एक पटवारी की कथित लापरवाही और रिकॉर्ड में की गई गंभीर त्रुटि ने भू-माफियाओं के लिए जमीन हड़पने का रास्ता खोल दिया।
वही के जानकारी के अनुसार वर्ष 2001–02 के दौरान भूमि अभिलेखों में फुलवरिया गांव की जगह दुलारिया दर्ज कर दिया गया। इसी दौरान गलत तरीके से “बरसाना” चढ़ा दिया गया, जिसके बाद रजिस्ट्री और नामांतरण का पूरा खेल शुरू हो गया। वही जिस व्यक्ति के नाम जमीन दर्ज की गई, उसका यादव परिवार से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है, फिर भी राजस्व रिकॉर्ड में उसका नाम होने के कारण वह खुद को जमीन का मालिक बताने लगा।
साथ ही इस गलती का फायदा उठाकर भूमाफियाओं ने राजनीतिक संरक्षण के बल पर जमीन की खरीद–फरोख्त शुरू कर दी। स्थानीय सूत्रों की मानें तो भूमाफिया गिरोह ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्री कराई और अब जमीन को टुकड़ों में बेचने की तैयारी है। पीड़ित यादव परिवार का कहना है कि यह उनकी पुश्तैनी जमीन है, जिस पर वे वर्षों से खेती करते आ रहे हैं, लेकिन आज वही जमीन पाने के लिए उन्हें कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
Sidhi news:यादव परिवार ने आरोप लगाया कि जब भी वे राजस्व कार्यालय में सुधार के लिए आवेदन करते हैं, उन्हें टालमटोल कर दिया जाता है। उल्टा, भूमाफियाओं को राजनीतिक रसूख के कारण हर स्तर पर संरक्षण मिल रहा है। परिवार का यह भी कहना है कि यदि समय रहते पटवारी रिकॉर्ड में सुधार कर दिया जाता, तो यह विवाद इतना बड़ा नहीं होता।
वही स्थानीय ग्रामीणों में भी इस मामले को लेकर आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन ने सख्त कदम नहीं उठाए, तो भूमाफियाओं के हौसले और बढ़ेंगे और आम लोगों की जमीन सुरक्षित नहीं रह पाएगी। जहा अब देखना यह है कि प्रशासन और न्यायालय इस पूरे प्रकरण में कब तक पीड़ित परिवार को न्याय दिला पाते हैं, या फिर राजनीतिक संरक्षण में पल रहे भूमाफिया कानून से ऊपर बने
