Sidhi news:नल-जल योजना बनी ग्रामीणों के लिए खतरा, पंचायत की सड़कें तहस-नहस, बढ़ा हादसों का जोखिम
Sidhi news:कुसमी जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत कुसमी में नल-जल योजना के तहत चल रहे पाइपलाइन कार्य ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। योजना के कर्मचारियों द्वारा मनमानी तरीके से सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं, जिससे गांव की सड़कों की हालत बद से बदतर हो गई है और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
वही ग्रामीणों के अनुसार पंचायत क्षेत्र में सड़कों के किनारे और रोड पटरियों पर गहरे गड्ढे खोद दिए गए हैं, जिन्हें बिना समुचित मरम्मत के छोड़ दिया गया। इससे आए दिन दोपहिया और चारपहिया वाहनों के फिसलने व दुर्घटनाग्रस्त होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। पूर्व में ग्राम पंचायत भवन के पास सड़क को खोदकर छोड़ दिया गया था, जहां एक ट्रैक्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन शुरू किया, तब जाकर पंचायत सचिव के हस्तक्षेप से सड़क पर मिट्टी डलवाकर अस्थायी सुधार कराया गया।
जहा पंचायत सचिव विपिन सिंह ने बताया कि समस्या यहीं खत्म नहीं हुई। अभी भी पंचायत भवन के पास बनी नाली की पिटाई नहीं हो पाई है, क्योंकि गड्ढे में दब जाने के कारण स्थिति और जटिल हो गई है। उन्होंने यह भी बताया कि ग्राम पंचायत कुसमी में सरपंच के घर की ओर जाने वाली सड़क पर बना पुलिया भी पाइपलाइन डालने के लिए की गई खुदाई की वजह से बह गई थी। जब ग्रामीणों के घर में बरात आने की स्थिति बनी, तब ग्राम पंचायत ने अपने स्तर पर मिट्टी डलवाकर मार्ग को अस्थायी रूप से दुरुस्त कराया।
Sidhi news:पंचायत सचिव का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार लिखित रूप से पत्राचार किया, लेकिन इसके बावजूद नल-जल योजना के कर्मचारी बिना अनुमति और समन्वय के सड़क किनारे खुदाई का कार्य जारी रखे हुए हैं। इससे पंचायत को बार-बार अतिरिक्त खर्च उठाकर मिट्टी पटवाने और सड़क सुधार का कार्य कराना पड़ रहा है।
वही इस पर ग्रामीणों का कहना है कि नल-जल योजना का उद्देश्य भले ही जनहित में हो, लेकिन लापरवाही और मनमानी से किया जा रहा कार्य गांव की बुनियादी सुविधाओं को नुकसान पहुंचा रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो, सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए और भविष्य में खुदाई के बाद सड़क को पूर्व स्थिति में लाने की सख्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीणों की जान-माल सुरक्षित रह सके।
