जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पर शिवसेना का तीखा प्रहार, लापरवाह डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग, निजी क्लिनिक भेजने के आरोप पर आंदोलन की चेतावनी
एमपी के सीधी जिला अस्पताल की अव्यवस्था और डॉक्टरों की कथित लापरवाही को लेकर शिवसेना ने कड़ा विरोध जताते हुए प्रशासन का ध्यान इस गंभीर मुद्दे की ओर आकर्षित किया है। शिवसेना के प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पांडे और जिलाध्यक्ष बेनाम सिंह के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों ने जिला अपर कलेक्टर को मुख्यमंत्री और जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर अस्पताल की व्यवस्था में सुधार तथा लापरवाह डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस ज्ञापन में शिवसेना नेताओं ने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल में तैनात कुछ डॉक्टर अपने कर्तव्यों का सही ढंग से निर्वहन नहीं कर रहे हैं। मरीजों को अस्पताल में समुचित इलाज देने के बजाय उन्हें निजी क्लिनिक में आने के लिए प्रेरित किया जाता है। इससे खासकर गरीब और असहाय मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और उनका आर्थिक शोषण भी हो रहा है।
वही शिवसेना प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पांडे ने कहा कि सरकारी अस्पताल में तैनात डॉक्टरों की जिम्मेदारी है कि वे अस्पताल में आने वाले हर मरीज का ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ इलाज करें। लेकिन वर्तमान स्थिति में कई डॉक्टर अस्पताल की ड्यूटी के दौरान भी अपने निजी क्लिनिक के काम में अधिक व्यस्त रहते हैं, जिससे अस्पताल की व्यवस्था प्रभावित हो रही है और मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है।
जहा उन्होंने कहा कि यह स्थिति न केवल शासन की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि आम जनता के अधिकारों का भी उल्लंघन है। इसलिए प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और जो डॉक्टर ड्यूटी में लापरवाही कर निजी क्लिनिक में मरीजों का इलाज कर रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जानी चाहिए।
वही शिवसेना जिलाध्यक्ष बेनाम सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही इस मामले में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो शिवसेना जिला इकाई जनहित में संबंधित निजी क्लिनिकों का घेराव कर जोरदार विरोध प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में होने वाले आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

