मरम्मत के बाद फिर ठप नंबर-1 यूनिट, पाली के ताप विद्युत गृह में आग से करोड़ों का झटका, गर्मियों में बिजली संकट की आहट
उमरिया तपस गुप्ता (799276090)
जिले के बिरसिंहपुर पाली स्थित संजय गांधी ताप विद्युत गृह से एक बार फिर चौंकाने वाली खबर सामने आई है। जैसे-जैसे गर्मियों का तापमान बढ़ रहा है और बिजली की मांग तेज हो रही है, ठीक उसी समय प्लांट की नंबर-1 यूनिट बंद हो जाने से पूरे प्रदेश में बिजली संकट की आशंका गहरा गई है।
जानकारी के मुताबिक, टरबाइन जनरेटर में अचानक आग लगने से यूनिट पूरी तरह ठप हो गई। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन शुरुआती आकलन में करोड़ों रुपए के नुकसान की बात सामने आ रही है। घटना के बाद प्लांट प्रबंधन में हड़कंप मच गया और तकनीकी टीमों को तुरंत मौके पर लगाया गया।
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल हाल ही में कराए गए मरम्मत कार्यों को लेकर उठ रहा है। सूत्र बताते हैं कि कुछ समय पहले ही जी पावर कंपनी द्वारा इस यूनिट में भारी खर्च के साथ काम कराया गया था। इसके बावजूद इतनी बड़ी तकनीकी खराबी सामने आना कई तरह के संदेह खड़े कर रहा है। खास बात यह है कि प्लांट में पहले से बीएचईएल के उपकरण लगे होने के बावजूद उसी कंपनी से काम क्यों नहीं लिया गया, यह भी जांच का विषय बनता जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर आरोप लग रहे हैं कि जी पावर कंपनी को मनमाने तरीके से काम सौंपा गया, जिसके चलते गुणवत्ता से समझौता हुआ और अब उसका खामियाजा पूरे सिस्टम को भुगतना पड़ रहा है। यह वही यूनिट है जो करीब 11 महीने बंद रहने के बाद चालू हुई थी, लेकिन कुछ ही महीनों में फिर से बंद हो जाना सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
सबसे बड़ी चिंता यह है कि पीक सीजन में एक यूनिट के ठप होने से बिजली सप्लाई पर सीधा असर पड़ेगा। ऐसे में क्या जिम्मेदारों की लापरवाही प्रदेश को अंधेरे की ओर धकेल रही है, यह सवाल आम जनता के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
फिलहाल मामले की जांच की मांग तेज हो गई है और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की बात कही जा रही है। अब देखना यह होगा कि इस बार जांच केवल कागजों तक सीमित रहती है या फिर वाकई दोषियों पर सख्त कदम उठाए जाते हैं।


