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खाली कुर्सियां, बिखरी व्यवस्था ,पाली नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

Tapas Gupta

By Tapas Gupta

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खाली कुर्सियां, बिखरी व्यवस्था ,पाली नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)

चैत्र रामनवमी मेला जैसे धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण आयोजन में जहां श्रद्धा, उत्साह और जनसहभागिता की उम्मीद की जाती है, वहीं इस बार उद्घाटन समारोह ने नगर पालिका परिषद पाली की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए। 19 मार्च 2026, गुरुवार को शुरू हुआ यह मेला 17 अप्रैल तक चलना है, लेकिन पहले ही दिन अव्यवस्था और अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई।

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उद्घाटन कार्यक्रम में सबसे बड़ी चर्चा का विषय रही मंच पर खाली पड़ी कुर्सियां। मुख्य अतिथि मानपुर विधायक मीना सिंह का कार्यक्रम में न पहुंचना जहां लोगों के बीच चर्चा का विषय बना, वहीं नगर पालिका उपाध्यक्ष राजेश पटेल की गैरमौजूदगी ने भी आयोजन की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए। मंच पर पहली कतार को छोड़ दें तो अधिकांश कुर्सियां खाली ही नजर आईं, जो यह संकेत देती हैं कि या तो समन्वय की कमी रही या फिर भीतरखाने चल रहा विवाद अब सार्वजनिक होने लगा है।

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नगर पालिका के 15 वार्डों में से महज कुछ पार्षद ही कार्यक्रम में शामिल हुए। इनमें वार्ड नंबर 1 की सोना सिंह, वार्ड 6 की प्रमिला जगवानी, वार्ड 9 के घनश्याम कुशवाह, वार्ड 12 की अंजू पटेल, वार्ड 10 के भरत प्रजापति, वार्ड 8 के संजीव खंडेलवाल और वार्ड 5 की ऊषा कोल मौजूद रहीं। इतने बड़े आयोजन में सीमित जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी भी यह दर्शाती है कि संगठनात्मक एकजुटता में कमी है।

कार्यक्रम का शुभारंभ भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष अग्रवाल, पूर्व जिला अध्यक्ष मिथिलेश प्रेयसी, दिलीप पांडे और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष पंडित प्रकाश पालीवाल भाजपा मंडल अध्यक्ष राधा तिवारी द्वारा फीता काटकर किया गया। हालांकि औपचारिक रूप से कार्यक्रम शुरू हो गया, लेकिन जिस स्तर की भागीदारी और व्यवस्थाएं अपेक्षित थीं, वह नदारद रहीं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका के भीतर चल रहा आंतरिक मतभेद अब आयोजनों को भी प्रभावित करने लगा है। समन्वय की कमी, जिम्मेदारों की अनुपस्थिति और व्यवस्थाओं में ढिलाई ने इस महत्वपूर्ण मेले के उद्घाटन को फीका बना दिया। यह स्थिति न सिर्फ नगर पालिका की कार्यशैली पर सवाल उठाती है, बल्कि जनता के विश्वास को भी कमजोर करती है।

अब सवाल यह उठता है कि जब धार्मिक आस्था से जुड़े इतने बड़े आयोजन में ही नगर पालिका अपनी जिम्मेदारियों को लेकर गंभीर नहीं दिख रही, तो आम दिनों में व्यवस्थाओं का क्या हाल होगा। यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो ऐसे आयोजन सिर्फ औपचारिकता बनकर रह जाएंगे और जनता का भरोसा लगातार कम होता जाएगा।

Tapas Gupta

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मै तपस गुप्ता 9 सालों से लगातार पत्रकारिता मे सक्रिय हूं, समय पर और सटीक जानकारी उपलब्ध कराना ही मेरी पहली प्राथमिकता है। मो-7999276090

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