कोयले में मिट्टी घोटाला, जेसीबी से मिलावट, वजन बढ़ाकर करोड़ों का खेल
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
जिले के नौरोजाबाद जोहिला की कॉलरी एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार मामला पहले से कहीं ज्यादा गंभीर और चौंकाने वाला है। अब तक कोयले में पानी मिलाकर वजन बढ़ाने की शिकायतें सामने आती रही थीं, मगर अब एक नया खेल उजागर हुआ है। कोयले में मुरूम (मिट्टी) मिलाकर वजन बढ़ाने का। यह खुलासा न सिर्फ कॉलरी प्रबंधन पर सवाल खड़े करता है, बल्कि पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर भी बड़ा सवालिया निशान लगाता है।

सूत्रों के अनुसार, यह गड़बड़ी किसी एक दिन या एक स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी तरह से योजनाबद्ध तरीके से की जा रही है। पहले जेसीबी मशीन के जरिए मुरूम और कोयले को मिलाया जाता है, जिससे कोयले का वजन कृत्रिम रूप से बढ़ जाता है। इसके बाद इस मिलावटी मिश्रण को डंपरों में भरकर सीडिंग यार्ड तक पहुंचाया जाता है। वहां से बिना किसी ठोस जांच या गुणवत्ता परीक्षण के सीधे मालगाड़ी की रैक में लोड कर दिया जाता है।
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इतनी बड़ी हेराफेरी खुलेआम होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मौन बने हुए हैं। साइड इंचार्ज और सेल्स मैनेजर की भूमिका को लेकर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों और जानकारों का कहना है कि बिना अंदरूनी मिलीभगत के इस तरह का संगठित खेल संभव ही नहीं है। ऐसे में यह संदेह और गहरा जाता है कि कहीं न कहीं जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों की सहमति या लापरवाही इस पूरे मामले को बढ़ावा दे रही है।
इस घोटाले का असर सिर्फ सरकारी राजस्व तक सीमित नहीं है। मिलावटी कोयला जब उद्योगों तक पहुंचेगा, तो इससे मशीनों को नुकसान, उत्पादन में गिरावट और गुणवत्ता में भारी कमी आ सकती है। यानी इसका सीधा असर उद्योग जगत और अंततः आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ेगा। इस तरह यह मामला केवल एक कॉलरी तक सीमित नहीं, बल्कि व्यापक आर्थिक नुकसान से जुड़ा हुआ है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस मिट्टी घोटाले की निष्पक्ष जांच होगी? क्या दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह दबा दिया जाएगा? फिलहाल, नौरोजाबाद जोहिला कॉलरी में चल रहा यह कथित खेल सिस्टम की साख पर एक बड़ा धब्बा बनता जा रहा है।


