एमपी के सीधी जिले में जन समस्या निवारण शिविर के दौरान एक बार फिर जनप्रतिनिधियों के वादों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर खुलकर सामने आ गया। बहरी क्षेत्र की ग्राम पंचायत में आयोजित इस शिविर में उस वक्त माहौल गर्म हो गया, जब ग्राम छिहरा टोला की निवासी रानी प्रजापति ने खुले मंच से सांसद डॉ. राजेश मिश्रा से सीधे सवाल पूछ लिए।
वही रानी प्रजापति ने आरोप लगाया कि करीब 6 महीने पहले सांसद खुद उनके गांव पहुंचे थे और बिजली, सड़क और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। लेकिन आज तक गांव के लगभग 30 घर इन बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
इस जन समस्या शिविर के दौरान जब रानी प्रजापति ने मंच के सामने अपनी बात रखनी शुरू की, तो उन्होंने लगातार सवाल पूछते हुए सांसद से जवाब मांगा। इस दौरान माहौल असहज हो गया। आरोप है कि सांसद इस सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए और उन्होंने महिला को “चुप रहने” के लिए कह दिया। इतना ही नहीं, मौके पर वीडियो बना रहे व्यक्ति को भी उन्होंने डांटते हुए रोकने की कोशिश की। महिला को सभ्यता से बोलने की नसीहत देते हुए बात को वहीं खत्म करने का प्रयास किया गया।
वही इस घटना के बाद महिला के पति सुरेश प्रजापति ने भी नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी गांव की अन्य महिलाओं के साथ अपनी समस्याएं लेकर शिविर में पहुंची थी। उनका कहना है कि उनके गांव में आज भी सड़क, बिजली और पानी जैसी जरूरी सुविधाएं नहीं हैं, जिससे लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उनकी पत्नी ने अपनी बात रखी, तो उसे सुना नहीं गया बल्कि डांटकर चुप करा दिया गया।
यह पूरा मामला अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर सवाल खड़े कर रहा है।
जहा इस पूरे मामले पर सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने इसे प्रोपेगेंडा बताया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के विरोधियों की वजह से यह सब हुआ है, ऐसा कुछ भी नहीं है। महिला जोर-जोर से चिल्ला रही थी, इसलिए मैंने कहा चुप हो जाओ, तब ना मैं अधिकारी से बात करूंगा।

