पहली ही बारिश में बह गई 23 लाख की नाली, चुरहट नगर पंचायत में भड़का विरोध,जांच और कार्रवाई की मांग तेज
एमपी के सीधी जिले के नगर पंचायत चुरहट में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां मुख्य मार्ग पर बनी करीब एक किलोमीटर लंबी नाली पहली ही बारिश में बह गई, जिससे स्थानीय जनप्रतिनिधियों और लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। मामले को लेकर नगर पंचायत उपाध्यक्ष अजय पांडे के नेतृत्व में पार्षदों ने मौके पर विरोध प्रदर्शन किया और तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई।
मिली जानकारी के अनुसार, यह नाली करीब तीन महीने पहले ही बनकर तैयार हुई थी, जिसकी लागत लगभग 23 लाख रुपए बताई जा रही है। लेकिन पहली ही बारिश में नाली का इस तरह क्षतिग्रस्त हो जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे जब उपाध्यक्ष अजय पांडे और अन्य पार्षद मौके पर पहुंचे, तो नाली पूरी तरह से टूटी हुई मिली।
चुरहट उपाध्यक्ष अजय पांडे ने आरोप लगाया कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है। उन्होंने बताया कि इसको लेकर पहले भी कई बार आपत्ति जताई गई थी, लेकिन नगर पंचायत के अधिकारियों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। अब जब नाली बह गई है, तो यह साफ हो गया है कि निर्माण कार्य में भारी लापरवाही बरती गई है।
इस घटना की जानकारी मिलते ही नगर पंचायत चुरहट के सीएमओ रामावतार पटेल मौके पर बुलाया गया। पार्षदों ने उनसे जिम्मेदार इंजीनियर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। इस दौरान मौके पर काफी देर तक बहस और नाराजगी का माहौल बना रहा।
वही सीएमओ रामावतार पटेल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नाली के टूटने के कारणों की जांच कराई जाएगी और यह देखा जाएगा कि निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन हुआ या नहीं। यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जहा फिलहाल इस घटना ने नगर पंचायत के कार्यों की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया

