प्रस्तुत आदेश के आधार पर सीधी जिले के धौहनी विधानसभा क्षेत्र के लिए शिक्षा के क्षेत्र में मिली इस बड़ी सौगात पर आधारित विस्तृत खबर नीचे दी गई है:
धौहनी विधानसभा में शिक्षा की ‘महा-सौगात’: ₹58 करोड़ से अधिक की लागत से संवरेगा भविष्य, 14 हाई स्कूल और जनजातीय आश्रम को मिली मंजूरी
मध्य प्रदेश शासन के जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुँवर विजय शाह द्वारा सीधी जिले की धौहनी विधानसभा (क्षेत्र क्र-82) को विकास की एक बड़ी सौगात दी गई है। क्षेत्रीय विधायक श्री कुंवर सिंह टेकाम के प्रयासों के फलस्वरूप, क्षेत्र में कुल ₹5827.02 लाख (लगभग 58.27 करोड़ रुपये) के नवीन निर्माण कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई है।
शिक्षा के क्षेत्र में नया अध्याय
विकास की इस दौड़ में धौहनी क्षेत्र के सुदूर अंचलों को प्राथमिकता दी गई है। जारी आदेश के अनुसार, विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में 14 नए शासकीय हाई स्कूल भवनों का निर्माण किया जाएगा। प्रत्येक हाई स्कूल भवन के लिए ₹396.26 लाख की राशि स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त, चिदहा टोला में एक जनजातीय आश्रम शाला के निर्माण हेतु ₹279.38 लाख की मंजूरी मिली है।
इन गांवों में खुलेंगे हाई स्कूल के द्वार
क्षेत्र के विद्यार्थियों को अब लंबी दूरी तय नहीं करनी होगी। निम्नलिखित स्थानों पर नवीन हाई स्कूल भवनों का निर्माण सुनिश्चित हुआ है:
* पुरईन्डोल, केशलार और सोनगढ़
* धुपखड़, गुडुआधार और खोखरा
* रुंदाभदौरा, मेडरा और वस्तुुआ
* कोटा, पिपराही और देवा
* दुबरीकला और बहेराडोल
क्षेत्रीय विधायक की सक्रियता का परिणाम
मंत्री डॉ. कुँवर विजय शाह ने विधायक कुंवर सिंह टेकाम को पत्र लिखकर इन कार्यों की आधिकारिक सूचना दी और उन्हें बधाई प्रेषित की है। दिनांक 24 अप्रैल 2026 को जारी इस आदेश के बाद क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। जानकारों का मानना है कि इतनी बड़ी राशि का निवेश न केवल शैक्षणिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि जनजातीय बाहुल्य इस क्षेत्र के बच्चों के लिए उज्ज्वल भविष्य के रास्ते भी खोलेगा।
एक नज़र में विकास का बजट
|कार्य का विवरण | संख्या | स्वीकृत राशि (प्रति इकाई) | कुल योग
शासकीय हाई स्कूल | 14 | ₹396.26 लाख | ₹5547.64 लाख
जनजातीय आश्रम शाला | 01 | ₹279.38 लाख | ₹279.38 लाख
कुल स्वीकृत राशि ₹5827.02 लाख
यह उपलब्धि धौहनी विधानसभा के विकास पथ पर एक मील का पत्थर साबित होगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए अवसर पैदा होंगे।

