628 लाख का स्मार्ट बस स्टैंड बदहाल: गंदगी, अव्यवस्था और आधी बसें अब भी पुराने स्टैंड पर
सीधी। मिनी स्मार्ट सिटी योजना के तहत 628.55 लाख रुपए की लागत से निर्मित अंतर राज्य बस स्टैंड का निर्माण वर्ष 2022 में पूरा हुआ था। 10 दिसंबर 2022 को तत्कालीन मुख्यमंत्री Shivraj Singh Chouhan ने इसका उद्घाटन किया था, लेकिन करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद आज भी यात्रियों को यहां मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। बस स्टैंड में गंदगी, अव्यवस्था और अधूरे संचालन को लेकर लोगों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है।
यात्रियों का कहना है कि आज भी आधी बसें पुराने बस स्टैंड से संचालित होती हैं, जबकि कुछ बसें सड़क किनारे ही यात्रियों को बैठाकर निकल जाती हैं। नए बस स्टैंड में न तो नियमित साफ-सफाई होती है और न ही यात्रियों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध हैं।
यात्री रोहित साकेत ने बताया कि वह पिछले चार वर्षों से यहां आ रहे हैं, लेकिन बस स्टैंड की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि शौचालय बेहद खराब हालत में हैं और जगह-जगह पान-गुटखा की पीक फैली रहती है। कई बार तो महीनों तक सफाई नहीं होती।
वहीं पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि बस स्टैंड परिसर में भारी गंदगी फैली रहती है। दुकानदार केवल अपनी दुकानों के सामने सफाई कर देते हैं, लेकिन आसपास कचरे का ढेर लगा रहता है। खुले में पेशाब करने वालों पर भी कोई रोक-टोक नहीं है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर बसें नए बस स्टैंड तक आती ही नहीं हैं, जिससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
इसी अव्यवस्था को लेकर आज गुरुवार को Shiv Sena के प्रदेश उपाध्यक्ष Vivek Pandey अपने कार्यकर्ताओं के साथ नए बस स्टैंड पहुंचे और यात्रियों से बातचीत की। निरीक्षण के दौरान उन्हें कई अव्यवस्थाएं देखने को मिलीं। इसके बाद उन्होंने गोपद बनास एसडीएम से चर्चा कर जल्द साफ-सफाई और व्यवस्थाएं सुधारने की मांग की।
विवेक पांडे ने कहा कि नगर पालिका और संबंधित अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। करोड़ों रुपए खर्च कर बनाया गया अंतर राज्य बस स्टैंड आज भी बदहाल स्थिति में है। उन्होंने आरोप लगाया कि बसों का संचालन व्यवस्थित तरीके से नहीं हो रहा और बसें सही ढंग से खड़ी भी नहीं होतीं, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की है।
उन्होंने यह भी कहा कि जिला कलेक्टर Vikas Mishra के आने के बाद लोगों को व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद थी, लेकिन अब तक उन्होंने बस स्टैंड का निरीक्षण तक नहीं किया।
वहीं जब इस मामले में गोपद बनास एसडीएम Rakesh Shukla से चर्चा करने की कोशिश की गई तो उन्होंने किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह अन्य कार्यों में व्यस्त हैं और इस मामले में कोई बयान नहीं दे सकते।

