14 घंटे बाद भी नहीं पहुंची फायर ब्रिगेड, जलकर राख हो गया गरीब आदिवासी का आशियाना
सीधी जिले के चुरहट थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मवई में प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है, जहां बुधवार देर रात मंगलेश कोल के घर में अचानक भीषण आग लग गई। आग लगने की सूचना ग्रामीणों द्वारा तत्काल फायर ब्रिगेड को दी गई, लेकिन गुरुवार शाम 5 बजे तक भी फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर नहीं पहुंच सकी। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश का माहौल है।
जानकारी के अनुसार आग इतनी भीषण थी कि मंगलेश कोल के घर में रखा पूरा अनाज, कपड़े, नकदी और घरेलू सामान जलकर राख हो गया। घर में रखा सरसों, गेहूं, दाल, उड़द, स्प्रिंकलर पाइप सहित लाखों रुपये का सामान आग की भेंट चढ़ गया।
बताया गया कि जिस समय घर में आग लगी, उस वक्त मंगलेश कोल अपने परिवार के साथ गांव के शिव मंदिर में दर्शन करने गए हुए थे। देर रात जब वह वापस लौटे तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि परिवार घर में मौजूद होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
गांव में आग बुझाने के लिए आसपास कोई पानी का स्रोत नहीं था, जिसके कारण ग्रामीण सुबह से लेकर दोपहर तक बाल्टी और अन्य साधनों से पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश करते रहे। करीब दोपहर 3 बजे आग पर काबू पाया जा सका।
ग्रामीणों और समाजसेवी प्रकाश सिंह बघेल ने आरोप लगाया कि कई बार फोन करने के बावजूद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर नहीं पहुंची। समाजसेवी प्रकाश सिंह बघेल ने बताया कि ग्रामीणों ने मिलकर पीड़ित परिवार की मदद की है और खाने की व्यवस्था के लिए 60 किलो गेहूं भी भिजवाया गया है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर फायर ब्रिगेड पहुंच जाती तो गरीब आदिवासी का घर बचाया जा सकता था।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। केवल पटवारी ने पहुंचकर मौका निरीक्षण किया और प्रतिवेदन बनाकर लौट गया। तहसीलदार से लेकर अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई है।
वहीं तहसीलदार चुरहट साक्षी गौतम ने बताया कि सूचना मिलते ही पटवारी को मौके पर भेजा गया था। प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

