कबाड़ी के तराजू पर सरकारी रिकॉर्ड, संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र की पुरानी फाइलें बिकने का मामला गरमाया
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
जिले के बिरसिंहपुर पाली स्थित संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र (एसजीटीपीएस) से जुड़ी पुरानी फाइलों के कबाड़ी तक पहुंचने की खबर ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि सरकारी अभिलेखों के संरक्षण और नष्ट करने के लिए स्पष्ट कानूनी प्रक्रिया निर्धारित है, लेकिन इसके बावजूद बड़ी मात्रा में दस्तावेज कबाड़ के रूप में बिकते दिखाई देने की चर्चा क्षेत्र में तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार, स्थानीय स्तर पर कबाड़ी के यहां ताप विद्युत केंद्र से संबंधित पुरानी फाइलें और दस्तावेज मिलने की बात सामने आई है। इन फाइलों में क्या सामग्री है और वे किस विभाग से संबंधित हैं, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन सरकारी दस्तावेजों का इस तरह खुले बाजार में पहुंचना कई तरह की आशंकाओं को जन्म दे रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत सरकार के पब्लिक रिकॉर्ड्स एक्ट के तहत किसी भी सरकारी रिकॉर्ड को नष्ट करने, हटाने या कबाड़ घोषित करने की एक निर्धारित प्रक्रिया होती है। रिकॉर्ड की प्रकृति के अनुसार उसका परीक्षण किया जाता है और सक्षम अधिकारियों की अनुमति के बाद ही उसे नष्ट किया जा सकता है। ऐसे में यदि बिना पूरी प्रक्रिया के दस्तावेज कबाड़ी तक पहुंचे हैं तो यह प्रशासनिक लापरवाही का मामला बन सकता है।
मामले को लेकर जब संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के मुख्य अभियंता एच.पी. त्रिपाठी से चर्चा की गई तो उन्होंने स्वीकार किया कि रिकॉर्ड नष्ट करने की एक निर्धारित प्रक्रिया होती है। उन्होंने कहा, कि प्रक्रिया तो है उसे नष्ट करने की, बाकी मैं पता करता हूं। मुख्य अभियंता का यह बयान इस बात का संकेत देता है कि मामले की जानकारी जुटाई जा रही है और तथ्य सामने आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर सरकारी अभिलेख कबाड़ी तक कैसे पहुंचे, क्या सभी औपचारिकताएं पूरी की गई थीं या फिर कहीं न कहीं नियमों की अनदेखी हुई है। यदि दस्तावेजों में संवेदनशील या विभागीय जानकारी शामिल है तो मामला और भी गंभीर हो सकता है।
अब लोगों की नजरें ताप विद्युत केंद्र प्रबंधन की जांच और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि यह महज पुरानी फाइलों का निस्तारण है या फिर सरकारी रिकॉर्ड प्रबंधन में किसी बड़ी चूक की कहानी।


