डेवा में फिर प्रतिष्ठित हुई बजरंगबली की मूर्ति
थाना प्रभारी के सूझबूझ से टल गई सांप्रदायिक हिंसा की संभावना
संजय सिंह मझौली
थाना क्षेत्र मझौली अंतर्गत ग्राम डेवा में असामाजिक तत्वों ने 18 जून की दरमियानी रात हनुमान जी की मूर्ति खंडित कर दिया था जिस कारण ग्राम एवं अंचल में आक्रोश एवं तनाव की गंभीर स्थिति पैदा हो गई थी क्योंकि मूर्ति एवं मंदिर तोड़कर आस्था को चोट पहुंचाने की यह दूसरी वारदात थी।घटना को लेकर 19 जून को सुबह मझौली थाने में संदेहियों को लेकर नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गईं थी जिसके संबंध में समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित भी की गई थी जिसे गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी विशाल शर्मा के द्वारा घटना के संबंध में पुलिस अधीक्षक,उप पुलिस अधीक्षक एवं एसडीओपी कुसमी/ मझौली को अवगत कराय गया था जिनके मार्गदर्शन में एवं अपने स्टाफ के सहयोग से साइबर सेल के माध्यम से आरोपी चक्रधारी पटेल पिता रामचरित पटेल निवासी ग्राम डेवा को उसी दिन जिला मुख्यालय सीधी से गिरफ्तार कर लिया गया था।
जबकि ग्रामीणों के मध्य सांप्रदायिक हिंसा भड़कने की काफी संभावना दिख रही थी स्थित की नजाकत को समझते हुए फरियाद के दूसरे दिन ही थाना प्रभारी खुद बजरंगबली की मूर्ति लेकर गाँव के उसी मंदिर में पहुंच गए जहां स्थानीय प्रशासन को पूर्व से अवगत कराया गया था और मौके पर तहसीलदार कुसमी धन कुमार टोप्पो मौजूद थे जहां ग्रामीणों के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मंदिर में बजरंगबली की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई जिससे सांप्रदायिक हिंसा की संभावना समाप्त हो गई।
प्राण प्रतिष्ठा के समय कानून व्यवस्था के लिए थाना प्रभारी अपने दल बल के साथ मौजूद रहे वहीं काफी संख्या में ग्रामीण जनों के साथ सामाजिक कार्यकर्ता महावीर यादव एवं रामनरेश गुप्ता निवासी डेवा, सरपंच ग्राम पंचायत डेवा एवं बजरंग दल प्रखंड मझौली से मनोज द्विवेदी प्रखंड मंत्री, शिवम शुक्ला सहसंयोजक, पंकज तिवारी एवं संगठन के कार्यकर्ता मनीष सोनी, हिमांशु गुप्ता,ऋषिकेश गुप्ता,विकास तिवारी भी मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने की थाना प्रभारी के कार्य शैली की सराहना
मूर्ति तोड़ने की घटना को लेकर एक तरफ जहां ग्रामीणों में आक्रोश एवं असंतोष व्याप्त था वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग उसे सांप्रदायिक हिंसा का रूप देने का प्रयास कर रहे थे इन सब के बीच थाना प्रभारी ने एक तरफ जहां थाना में रिपोर्ट करने के महज कुछ घंटों में ही मुख्य आरोपी चक्रधारी पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया था वहीं दूसरी तरफ खुद मूर्ति लेकर प्राण प्रतिष्ठा कराने पहुंच गए और पूरे समय वहां रहकर ग्रामीणों को समझाइस देकर उन्हें आश्वस्त किया कि अब ऐसी घटना क्षेत्र में नहीं होगी।
साथ ही ऐसे असामाजिक तत्वों को अपने त्वरित कार्रवाई के जरिए संदेश भी दिया कि अगर कोई कानून का उल्लंघन करेगा अथवा किसी की आस्था को चोट पहुंचाएगा तो वह कानून के हाथों से नहीं बचेगा। ऐसे में थाना प्रभारी के प्रति लोगों मे एक तरफ जहां भरोसा बहाल हुआ वहीं दूसरी तरफ उनके मानवीय एवं व्यवहारिक कार्य शैली की ग्रामीणों द्वारा सराहना करते हुए भी देखा गया।

