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सीएमएचओ ने सिहावल क्षेत्र की स्वास्थ्य संस्थाओं का किया औचक निरीक्षण

Abhinay Shukla

By Abhinay Shukla

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संवाददाता अनिल शर्मा

प्रसूता वार्ड, ओपीडी एवं स्वास्थ्य सेवाओं का लिया जायजा, गुणवत्तापूर्ण उपचार और समय पर पोर्टल एंट्री के दिए निर्देश

जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं व्यवस्थाओं का आकलन करने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार खरे ने गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिहावल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अमिलिया एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बहरी का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ ने प्रसूता वार्ड में भर्ती महिलाओं से सीधे संवाद कर संस्थागत प्रसव, प्रसव पश्चात देखभाल तथा उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मरीजों को दिए जा रहे भोजन एवं पोषण आहार की गुणवत्ता के संबंध में भी फीडबैक लिया तथा आवश्यक व्यवस्थाएं बनाए रखने के निर्देश दिए।

उन्होंने वार्डों, प्रसव कक्ष, बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी), दवा वितरण कक्ष एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर साफ-सफाई, पेयजल, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन, रोगी पंजीयन एवं उपचार व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वच्छता एवं रोगी सुरक्षा के निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

सीएमएचओ ने स्वास्थ्य संस्थाओं में प्रदान की जा रही सभी सेवाओं की जानकारी संबंधित ऑनलाइन पोर्टलों पर निर्धारित समय-सीमा में अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पोर्टल एंट्री में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा इसकी नियमित निगरानी की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान दवाओं की उपलब्धता, आवश्यक चिकित्सकीय उपकरणों की कार्यशीलता एवं कर्मचारियों की उपस्थिति का भी परीक्षण किया गया। उन्होंने स्वास्थ्य संस्थाओं में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता बनाए रखने तथा मरीजों को निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

डॉ. खरे ने कहा कि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना तथा प्रत्येक मरीज को सम्मानजनक, संवेदनशील एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि मरीजों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करें तथा किसी भी प्रकार की कमी या शिकायत मिलने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

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