पाली प्रोजेक्ट में रविवार ड्यूटी को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी, वसूली के आरोपों की जांच की मांग
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
पाली प्रोजेक्ट (जोहिला क्षेत्र) में रविवार की ड्यूटी को लेकर कर्मचारियों के बीच इन दिनों तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। कर्मचारियों के बीच यह चर्चा है कि रविवार की ड्यूटी लगाने के नाम पर कथित रूप से कुछ कर्मचारियों से पैसे लिए जाते हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कर्मचारियों के बीच इस विषय को लेकर असंतोष का माहौल बताया जा रहा है।
कर्मचारियों की आपसी चर्चाओं के अनुसार, रविवार की ड्यूटी मिलने को लेकर पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। कुछ कर्मचारियों का कहना है कि बिना कथित रूप से पैसे दिए रविवार की ड्यूटी मिलने में कठिनाई होती है। वहीं, जिन कर्मचारियों ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाए, उनका दावा है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
चर्चाओं के मुताबिक, यह मामला नया नहीं है और काफी समय से कर्मचारियों के बीच इसकी चर्चा होती रही है। हालांकि अधिकांश कर्मचारी खुलकर सामने आने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि शिकायत करने पर भविष्य में कार्यस्थल पर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यही वजह है कि कई कर्मचारी औपचारिक शिकायत दर्ज कराने के बजाय आपस में ही इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं।
कर्मचारियों का मानना है कि किसी भी औद्योगिक इकाई में ड्यूटी का निर्धारण पूरी तरह नियमों और पारदर्शी प्रक्रिया के अनुसार होना चाहिए। यदि किसी कर्मचारी से ड्यूटी लगाने के बदले किसी प्रकार की आर्थिक मांग की जाती है, तो यह गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उनका कहना है कि इससे न केवल कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित होता है, बल्कि संस्थान की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठते हैं।
श्रमिकों के बीच यह भी चर्चा है कि यदि संबंधित विभाग या उच्च अधिकारी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कर्मचारियों के बयान दर्ज करें, ड्यूटी रजिस्टर और संबंधित अभिलेखों की जांच करें, तो वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। कर्मचारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष और बिना किसी दबाव के होनी चाहिए, ताकि यदि आरोप निराधार हों तो स्थिति स्पष्ट हो जाए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाए तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
फिलहाल इस मामले को लेकर प्रबंधन या संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए इन चर्चाओं और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। कर्मचारियों का कहना है कि वे केवल इतना चाहते हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, जिससे कार्यस्थल पर पारदर्शिता, निष्पक्षता और कर्मचारियों का विश्वास बना रहे।


