उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली में महंगाई के मुद्दे पर कांग्रेस ने गुरुवार को अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन कर राजनीतिक माहौल गरमा दिया। प्रकाश चौराहा पर जुटे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शक्कर और प्याज की मालाएं पहनकर बढ़ती कीमतों के खिलाफ आवाज बुलंद की। इस दौरान खा गया शक्कर, पी गया तेल, भाजपा का यही खेल जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पाली द्वारा आयोजित प्रदर्शन ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रवि मिश्रा के नेतृत्व में हुआ। प्रदर्शन में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता भी शामिल हुए। कांग्रेसियों ने महंगाई को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि रोजमर्रा की जरूरतों की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी के घरेलू बजट को बिगाड़ दिया है।
शक्कर-प्याज की माला बनी विरोध का हथियार
प्रदर्शन की सबसे खास तस्वीर कार्यकर्ताओं के गले में नजर आई शक्कर और प्याज की मालाएं रहीं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इन्हें महंगाई के प्रतीक के तौर पर इस्तेमाल किया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि जिन खाद्य वस्तुओं के बिना घर का रसोई बजट पूरा नहीं होता, उन्हीं की बढ़ती कीमतें अब आम परिवारों के लिए चिंता का कारण बन रही हैं।
प्रकाश चौराहा से कार्यकर्ताओं ने महंगाई के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया। इस दौरान राहगीरों और स्थानीय लोगों की नजर भी प्रदर्शन पर टिकी रही। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि महंगाई के मुद्दे को जनता के बीच लगातार उठाया जाएगा।
वरिष्ठों के साथ युवाओं ने संभाला मोर्चा
प्रदर्शन में पूर्व जिला संगठन मंत्री संजीव खंडेलवाल, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष लाल बहादुर सिंह, प्रमोद उपाध्याय, शाकिर खान, शिवकुमार दहिया, उषा कोल, राम बिहारी उपाध्याय, जागरण विश्वकर्मा और ब्लॉक सेवादल प्रमुख रमेश सिंह सेंगर सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
इसके अलावा हेमनाथ बैगा, रमेश दहिया, उमेश यादव, महोबिया, सनू प्रकाश उपाध्याय, लक्ष्मण कुशवाहा, राजेश कोल और पूर्व उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष अंकित मिश्रा ने भी प्रदर्शन में भाग लिया।
युवा कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रजनीश तिवारी के साथ प्रदीप तिवारी, दीपक सरकार, जावेद खान, रवि प्रजापति, विजय यादव, राकेश शुक्ला, साजिद खान, दादू प्रजापति, लवलेश, आयुष मिश्रा और अनुज मिश्रा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए।
महंगाई पर आंदोलन जारी रखने का ऐलान
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि महंगाई केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि सीधे तौर पर आम परिवार की रसोई से जुड़ा सवाल है। खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी से मध्यम और गरीब वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है। नेताओं ने सरकार से महंगाई पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
शक्कर और प्याज की मालाओं के साथ हुआ यह प्रदर्शन भले ही अनोखे अंदाज में रहा, लेकिन कांग्रेस ने इसके जरिए महंगाई के मुद्दे को लेकर अपना राजनीतिक संदेश साफ तौर पर जनता तक पहुंचाने की कोशिश की।