बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में गश्त के दौरान मिला मृत मादा बाघ शावक , संघर्ष से मौत की आशंका
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व अंतर्गत ताला वन परिक्षेत्र के कथली बीट (आरएफ 331) में बुधवार सुबह गश्त के दौरान एक मादा बाघ शावक का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। शावक की आयु लगभग 7 से 8 माह बताई जा रही है। सूचना मिलते ही विभागीय अमला तत्काल मौके पर पहुंचा और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृत बाघ शावक ताला रेंज के कथली बीट क्षेत्र में पाया गया। प्रारंभिक जांच में उसकी मृत्यु का संभावित कारण किसी अन्य वन्य प्राणी से संघर्ष माना जा रहा है। हालांकि, अंतिम निष्कर्ष प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत दी गई। इसके बाद वन्यप्राणी अपराध नियंत्रण ब्यूरो और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के दिशा-निर्देशों के अनुसार एसओपी का पालन करते हुए आगे की कार्यवाही की गई। मौके पर पहुंचकर मृत बाघ शावक का पंचनामा तैयार किया गया और स्थल को सुरक्षित किया गया, ताकि किसी भी तरह के साक्ष्य से छेड़छाड़ न हो सके।
दिनांक 07 जनवरी 2026 को की गई कार्यवाही के तहत डॉग स्क्वाड से शव और घटनास्थल की गहन जांच कराई गई। जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध गतिविधि या वस्तु नहीं पाई गई। इसके साथ ही मेटल डिटेक्टर की सहायता से शव की जांच की गई, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी प्रकार की गोली या धातु का प्रयोग नहीं हुआ है।
सक्षम वन्य चिकित्सक की उपस्थिति में बाघ शावक का विस्तृत पोस्टमॉर्टम परीक्षण किया गया। पोस्टमॉर्टम के दौरान आवश्यक जैविक नमूने विधिवत एकत्र किए गए, जिन्हें परीक्षण के लिए अधिकृत प्रयोगशाला भेजा जाएगा। इन नमूनों की रिपोर्ट के आधार पर मृत्यु के वास्तविक कारण की पुष्टि की जाएगी।
सभी औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद उसी दिन मृत बाघ शावक के शव का दाह संस्कार किया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की निगरानी उच्च स्तर पर की जा रही है और रिजर्व क्षेत्र में निगरानी और गश्त को और सख्त किया गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने आमजन से अपील की है कि वन क्षेत्र में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत विभाग को दें।
