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13 साल बाद 90 लाख रुपए का कार्यपालन यंत्री पर घोटाला हुआ सिद्ध

Manoj Shukla

By Manoj Shukla

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corrupt executive engineer: भ्रष्टाचारी इंजीनियर अभी भी रहेगा जेल मे 18 लाख के बाद 90 लाख का हुआ घोटाला हुआ सिद्ध 

corrupt executive engineer: नगर निगम के तत्कालीन कार्यपालन यंत्री पर भ्रष्टाचार का आरोप सिद्ध हुआ है भ्रष्टाचार की धाराओं में मामला दर्ज किया है। तत्कालीन कार्यपालन यंत्री आर एन करैया ने 2006 से 2011 के बीच 90 करोड रुपए की निविदा निकल गई थी।

दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर यह निविदा अपने चहीते ठेकेदारों को दी गई और फर्जी तरीके से बिल बनाकर 90 लाख रुपए का भुगतान किया गया। यह निविदा ग्वालियर शहर के अलग-अलग इलाकों में खराब पड़े बोर को रीबोर करने के लिए उनमें नई मोटर डालने और पाइप डालने के लिए निकली गई थी।

corrupt executive engineer: 2011 में इस मामले की शिकायत सिकंदर कंपू में रहने वाले अशोक पाल ने शिकायत की थी। उस समय तत्कालीन कार्यपालन यंत्री करैया ने 2006 से 2011 के बीच में नगर निगम की जल प्रदाय व्यवस्था करने के लिए कई निविदा निकली थी। जिसमें उन्होंने फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार किए हैं।

corrupt executive engineer: इसके बाद मामला EOW में पहुंचा और आखिरकार 13 साल की जांच के बाद भ्रष्टाचारी कार्यपालन यंत्री पर मामला दर्ज किया गया है। भ्रष्टाचारी इंजीनियर पर यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी मुरैना में पीएच ई कार्यपालन यंत्री रहते हुए 18 करोड रुपए का घोटाला किया था। उस मामले में अभी जेल में बंद है।

घनश्याम भदोरिया,, निरीक्षक EOW ग्वालियर

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मै मनोज कुमार शुक्ला 9 सालों से लगातार पत्रकारिता मे सक्रिय हूं, समय पर और सटीक जानकारी उपलब्ध कराना ही मेरी पहली प्राथमिकता है।

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