बोलेरो साइड’ से शुरू हुआ विवाद बना बवाल,अमिलिया से थाने तक हिंसा, CCTV तोड़े, गाड़ियां फूंकी, कई जिले की पुलिस तैनात
मध्य प्रदेश के सीधी जिला में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के दिन जो विवाद एक मामूली कहासुनी से शुरू हुआ, उसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। अमिलिया से शुरू हुई यह हिंसा न केवल एक परिवार पर हमले तक सीमित रही, बल्कि थाने में तोड़फोड़ और पूरे बाजार में अराजकता तक पहुंच गई।
एडिशनल एसपी अरविंद श्रीवास्तव के अनुसार, पूरा विवाद एक बोलेरो वाहन को साइड करने की बात को लेकर शुरू हुआ था। बोलेरो में मनीष तिवारी और मनी शुक्ला बैठे हुए थे। इसी दौरान कहासुनी हुई और आरोप है कि भीम आर्मी से जुड़े कार्यकर्ताओं ने दोनों के साथ मारपीट शुरू कर दी।
अपनी जान बचाने के लिए दोनों पास के ही एक शुक्ला परिवार के घर में घुस गए, लेकिन हमलावरों ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। घर के अंदर घुसकर न सिर्फ दोनों युवकों के साथ, बल्कि परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी बेरहमी से मारपीट की गई। इस हमले में कुल 6 लोग घायल हुए।
घटना के बाद गुस्साई भीड़ ने जवाबी कार्रवाई करते हुए हमलावरों को खदेड़ दिया। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने शुक्ला परिवार के सामान्य रूप से घायल सदस्यों को सुरक्षा के लिए थाने में रख लिया।
लेकिन इसके बाद मामला और गंभीर हो गया।
बताया जा रहा है कि करीब 50 से 60 की संख्या में भीम आर्मी के कार्यकर्ता थाने पहुंच गए और अंदर घुसकर जमकर उत्पात मचाया। थाने के अंदर लगे CCTV कैमरे तोड़ दिए गए, दरवाजे और खिड़कियां क्षतिग्रस्त कर दी गईं और परिसर में खड़ी कई गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचाया गया।
इस दौरान स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गई। विवाद धीरे-धीरे पूरे बाजार क्षेत्र में फैल गया, जहां कई जगह पथराव और लाठीचार्ज जैसी स्थिति बन गई। पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और व्यापारियों ने एहतियातन बाजार बंद कर दिए।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अमिलिया थाना सहित कमर्जी थाना, बहरी थाना और सिहावल चौकी की पुलिस के साथ-साथ पूरे जिले का बल मौके पर तैनात किया गया। इसके अलावा रीवा जिला और मऊगंज जिला से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है।
इस बीच विकास मिश्रा (कलेक्टर, सीधी) भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायलों से मुलाकात की, परिजनों को ढांढस बंधाया और खुद मौके पर पहुंचकर तोड़फोड़ से हुए नुकसान का जायजा लिया। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
फिलहाल, इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और हालात को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन तनाव अभी भी बना हुआ है।

