अतीत की आग से वर्तमान की हिंसा तक, 14 अप्रैल की घटना ने फिर उठाए कानून-व्यवस्था पर सवाल
सीधी। जिले के अमिलिया थाना क्षेत्र का इतिहास समय-समय पर उग्र घटनाओं का गवाह रहा है। एक बार फिर 14 अप्रैल 2026 को हुई हिंसक घटना ने पुराने जख्मों को ताजा कर दिया है। डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर निकाली जा रही रैली के दौरान शुरू हुआ आपसी विवाद देखते ही देखते बड़े बवाल में बदल गया, जिसमें थाना परिसर तक को निशाना बनाया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रैली के दौरान दो पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि उग्र भीड़ ने अमिलिया थाना पहुंचकर तोड़फोड़ शुरू कर दी। इस दौरान पुलिसकर्मियों के साथ भी मारपीट की गई, वहीं कई ग्रामीण भी हिंसा की चपेट में आए। उपद्रवियों ने थाना परिसर में खड़ी गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचाया।
घटना के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 25 नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही, सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है, जिससे आरोपियों की संख्या बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
2010 की भयावह घटना की पुनरावृत्ति का संकेत
अमिलिया थाना इससे पहले भी वर्ष 2010 में एक बड़ी हिंसक घटना का केंद्र बन चुका है। उस समय थाना प्रभारी अमृतलाल पदस्थ थे। एक व्यक्ति को पूछताछ के लिए थाने लाया गया था, जिसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने थाने पर हमला बोल दिया था। भीड़ ने न केवल थाने में जमकर तोड़फोड़ की, बल्कि आगजनी करते हुए पूरे परिसर को नुकसान पहुंचाया था। कई वाहन जलकर खाक हो गए थे और पुलिसकर्मियों के साथ भी गंभीर मारपीट की गई थी।
2022 का विवादित पुलिस दुर्व्यवहार मामला
अमिलिया थाना वर्ष 2022 में भी सुर्खियों में रहा था, जब दो पुलिसकर्मियों पर आठ व्यक्तियों के साथ अमानवीय व्यवहार करने का आरोप लगा था। आरोप था कि उन्हें नग्न कर उनकी तस्वीरें खींची गईं, जिसके बाद दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।
लगातार घटनाएं बना रहीं चिंता का विषय
अमिलिया थाना क्षेत्र में बार-बार हो रही ऐसी घटनाएं कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं। 2010 की आगजनी, 2022 का दुर्व्यवहार मामला और अब 2026 की ताजा हिंसा यह संकेत देती है कि क्षेत्र में सामाजिक तनाव और प्रशासनिक नियंत्रण दोनों पर गंभीर पुनर्विचार की आवश्यकता है।
प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती न केवल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाना भी है।
साइड करो बोलेरो’ से भड़की हिंसा, 400 की भीड़, घर में घुसकर पिटाई, फिर थाने पर हमला, 100 से ज्यादा घायल, CCTV-गाड़ियां तोड़ी
मध्य प्रदेश के सीधी जिला के अमिलिया क्षेत्र में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के मौके पर निकली एक रैली ने ऐसा हिंसक रूप ले लिया, जिसने पूरे इलाके की कानून-व्यवस्था को हिला कर रख दिया। एक मामूली “गाड़ी साइड करने” को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते भीड़ की हिंसा, घर में घुसकर मारपीट और फिर थाने पर हमले तक पहुंच गया।
रैली के बीच शुरू हुआ विवाद
मंगलवार 14 अप्रैल के दिन करीब 11:30 बजे भीम आर्मी के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में रैली निकाल रहे थे। इसी दौरान सड़क किनारे एक बोलेरो वाहन खड़ा था, जिसमें मनीष तिवारी और मनी शुक्ला बैठे हुए थे। वाहन पहले से ही किनारे खड़ा था, लेकिन रैली में शामिल कुछ कार्यकर्ताओं ने उसे और साइड करने को कहा। यहीं से कहासुनी शुरू हुई। देखते ही देखते बहस बढ़ी और माहौल गरमा गया।
रैली में करीब 400 से ज्यादा लोग शामिल थे। विवाद बढ़ते ही भीड़ ने उग्र रूप ले लिया और मनीष तिवारी व मनी शुक्ला को घेरकर बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। इसी दौरान बोलेरो वाहन में भी जमकर तोड़फोड़ की गई। दोनों युवक अपनी जान बचाने के लिए मौके से भागे और पास में रहने वाले रमाकांत शुक्ला के घर में घुस गए।
भीड़ ने यहां भी उनका पीछा नहीं छोड़ा। हमलावर घर के अंदर घुस गए और न सिर्फ दोनों युवकों, बल्कि घर के मालिक रमाकांत शुक्ला, उनके बेटे, पोती और पोते के साथ भी मारपीट की।
इतना ही नहीं, घर पर सैकड़ों पत्थर बरसाए गए, जिससे घर का सामान और संरचना दोनों को भारी नुकसान पहुंचा। इस दौरान महिलाओं और बुजुर्गों के साथ भी हिंसा की गई, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
स्थानीय लोगों का पलटवार, सड़क पर बैरिकेडिंग
दोपहर 12:00 बजे इस घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह हमलावरों को वहां से खदेड़ा। इसके बाद गुस्साए स्थानीय लोगों ने सड़क पर ही टूटी हुई बोलेरो और लोहे की गुमटी रखकर रास्ता जाम कर दिया। जब रैली आगे बढ़ने लगी, तो दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और जमकर पथराव शुरू हो गया। हालात पूरी तरह बेकाबू हो गए और पूरा बाजार इसकी चपेट में आ गया।
12:15 बजे सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति संभालने की कोशिश की। रैली को आगे बढ़ाया गया, जबकि दूसरे पक्ष के लोगों को शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए थाने ले जाया गया।
12:35 पर रैली खत्म होने के बाद सैकड़ों की संख्या में भीम आर्मी के लोग थाने पहुंच गए और वहां जमकर हंगामा शुरू कर दिया। भीड़ ने थाने पर पथराव किया और अंदर घुसकर तोड़फोड़ मचाई। थाना प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की गई। इस पूरे घटनाक्रम में करीब 100 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है, जिसमें पुलिसकर्मी और आम नागरिक दोनों शामिल हैं।
हमलावरों ने थाने के अंदर लगे तीन CCTV कैमरे तोड़ दिए। थाना प्रभारी के कमरे में घुसकर पथराव किया गया और चार से पांच खिड़कियां क्षतिग्रस्त कर दी गईं।
इसके अलावा, थाने परिसर और आसपास में खड़ी 15 से अधिक मोटरसाइकिलों को तोड़ दिया गया और दो बोलेरो वाहनों को भी भारी नुकसान पहुंचाया गया।
कई जिलों की पुलिस तैनात, प्रशासन मौके पर
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दोपहर करीब 3:00 बजे रीवा जिला, मऊगंज जिला और सीधी जिला की पुलिस को मौके पर बुलाया गया। करीब 300 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
इस दौरान कलेक्टर विकास मिश्रा, एसडीएम सिहावल राकेश शुक्ला, तहसीलदार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
सीधी कलेक्टर विकास मिश्रा ने कहा है की जानकारी लगते ही हमने पूरी टीम को मौके पर भेज दिया था पूरी निगरानी रखी जा रही है। लोगों को डरने की जरूरत नहीं है पुलिस लगातार प्रयास कर रही है कि किसी भी व्यक्ति को कोई भी नुकसान ना हो।
घायलों की मदद की जा रही है उन्हें उपचार की व्यवस्था की जारी है कुल मिलाकर 12 लोग घायल हैं जिसमें 6 सामान्य घायल हैं और 6 लोगों को ज्यादा चोट आई है जिसे जिला और संभागीय अस्पताल में भेजा गया है। शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाना बलवा सहित अन्य धाराओं में मामला पंजीबद्ध किया गया है और सभी हमलावरों की पहचान की जा रही है।
एडिशनल एसपी सीधी अरविंद श्रीवास्तव ने यह बताया कि यह मामला पूरी तरह से आकस्मिक था जहां रैली के दौरान हिंसा भड़की है और इसके बाद एक पक्ष को थाने में हम लोग ले गए थे ताकि हिंसा और भी अधिक ना बढे। लेकिन भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने थाने में पहुंचकर उन्हें निकालने का प्रयास किया उसे दौरान उन्होंने शासकीय संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है और उसे दौरान कई लोग घायल हुए हैं हम पूरे मामले की जांच कर रहे हैं जल्दी ही एफआईआर दर्ज करके दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

