महीनों तक फरार रहने के बाद यूट्यूबर मनीष पटेल ने किया सरेंडर, हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलने पर पुलिस रिमांड पर भेजा गया आरोपी
सोशल मीडिया पर ब्राह्मण समाज के खिलाफ आपत्तिजनक और भ्रामक टिप्पणी करने के मामले में महीनों से फरार चल रहे यूट्यूबर मनीष पटेल ने आखिरकार कानून के आगे घुटने टेक दिए। सिविल लाइन थाना पुलिस के बढ़ते दबाव और हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद आरोपी ने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ जारी है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
थाना प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह ने बताया कि पूरा मामला 29 जनवरी का है, जब मनीष पटेल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से ब्राह्मण समाज के खिलाफ एक विवादित पोस्ट साझा की थी। पोस्ट वायरल होते ही समाज के लोगों में भारी आक्रोश फैल गया था। इसके बाद ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी।
एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपी लगातार गिरफ्तारी से बचने के लिए ठिकाने बदल रहा था। उसने स्थानीय अदालत से लेकर हाई कोर्ट तक अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किए, लेकिन पुलिस द्वारा पेश किए गए तथ्यों और मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने उसकी सभी याचिकाएं खारिज कर दीं। पुलिस लगातार टावर लोकेशन और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए उसकी तलाश में जुटी हुई थी। दबाव बढ़ने के बाद आखिरकार आरोपी ने सरेंडर कर दिया।
पुलिस ने आरोपी के पास से घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। पूछताछ में कुछ अन्य डिजिटल उपकरणों और लैपटॉप की जानकारी भी सामने आई है, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि विवादित पोस्ट तैयार करने या उसे वायरल करने में अन्य लोग शामिल थे या नहीं।
थाना प्रभारी विजय सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया पर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि पूछताछ में नए तथ्य सामने आते हैं तो रिमांड अवधि बढ़ाने की मांग की जाएगी, अन्यथा आरोपी को जेल भेजा जाएगा।

