दुबे जी की सेफ्टी पर सवाल! संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र में फिर बड़ा हादसा, लगभग 12 फीट से गिरा मजदूर गंभीर
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
जिले के बिरसिंहपुर पाली स्थित संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। मंगलवार को प्लांट परिसर में काम के दौरान एक मजदूर लगभग 12 फीट की ऊंचाई से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना ने एक बार फिर प्रबंधन और सेफ्टी सिस्टम की पोल खोल दी है।
घायल मजदूर की पहचान ओमप्रकाश सिंह उम्र 27 वर्ष, पिता नत्थू सिंह, निवासी वार्ड क्रमांक 4 नौरोजाबाद के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह ठेकेदार शुभम (पप्पू) झा के अधीन काम कर रहा था। हादसे के तुरंत बाद उसे संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के चलते डॉक्टरों ने उसे शहडोल रेफर कर दिया।
सूत्रों के अनुसार, घटना सीएचपी (कोल हैंडलिंग प्लांट) साइड की है, जहां प्लेट लगाने का काम चल रहा था। इसी दौरान वेल्डिंग करते समय अचानक करंट का झटका लगने से ओमप्रकाश संतुलन खो बैठा और ऊंचाई से नीचे गिर गया। गिरने के बाद वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
इस हादसे के बाद एक बार फिर प्लांट की सेफ्टी व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। सूत्र बताते हैं कि यहां सुरक्षा के नाम पर केवल कागजी खानापूर्ति की जाती है और सेफ्टी से जुड़े जिम्मेदार अधिकारी, खासकर दुबे जी, इस दिशा में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। मजदूरों को जरूरी सुरक्षा उपकरण तक उपलब्ध नहीं कराए जाते। यहां तक कि कई मजदूरों को बुनियादी सेफ्टी गियर जैसे सेफ्टी शूज तक नहीं दिए गए हैं।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि सेफ्टी व्यवस्था पूरी तरह लापरवाही के भरोसे चल रही है। बार-बार हादसे होने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। मजदूरों की जान जोखिम में डालकर काम कराया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी केवल औपचारिकता निभाने में लगे हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले भी संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र में कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए हैं और कुछ मामलों में जान भी जा चुकी है। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है।
अब सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक मजदूरों की जान से खिलवाड़ होता रहेगा? क्या जिम्मेदार अधिकारी अब भी नहीं जागेंगे? यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में और भी गंभीर घटनाएं सामने आ सकती हैं।


