पाली नगर पालिका में बढ़ी खेमेबाज़ी, भाजपा पार्षद दो गुटों में बंटे
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
पाली नगर पालिका की राजनीति इन दिनों अंदरूनी खींचतान के कारण चर्चा में है। परिषद में भले ही भाजपा का बहुमत है, लेकिन हालात ऐसे बन गए हैं कि भाजपा के ही पार्षद दो अलग-अलग गुटों में बंटे दिखाई दे रहे हैं। इस खेमेबाज़ी का असर अब नगर पालिका के कार्यक्रमों और बैठकों में भी साफ दिखाई देने लगा है।
बीते कुछ समय से नगर पालिका के कई कार्यक्रमों और बैठकों में यह देखा गया है कि कई पार्षदों के साथ-साथ उपाध्यक्ष भी कई बार अनुपस्थित रहे। इससे परिषद के भीतर चल रही नाराजगी और गुटबाजी की चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय राजनीतिक हलकों में यह सवाल उठने लगा है कि जब परिषद में भाजपा का स्पष्ट बहुमत है तो फिर आपसी मतभेद आखिर क्यों बढ़ रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक नगर पालिका के भीतर दो स्पष्ट गुट बन गए हैं। एक गुट नगर पालिका अध्यक्ष शकुंतला प्रधान के समर्थन में नजर आता है, जबकि दूसरा गुट उपाध्यक्ष राजेश पटेल के साथ खड़ा दिखाई देता है। इसी वजह से परिषद के भीतर कई मुद्दों पर सहमति बनना मुश्किल हो रहा है।
कुछ भाजपा पार्षदों ने अनौपचारिक बातचीत में अपनी नाराजगी भी जाहिर की है। उनका कहना है कि परिषद में उनकी बातों को गंभीरता से नहीं सुना जाता और निर्णय कुछ चुनिंदा लोगों तक ही सीमित रह जाते हैं। पार्षदों का यह भी आरोप है कि विकास कार्यों और योजनाओं को लेकर भी सभी को बराबर महत्व नहीं दिया जा रहा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जब किसी परिषद में एक ही दल का बहुमत होता है, तो उम्मीद की जाती है कि विकास कार्यों में तेजी आएगी और फैसले आसानी से लिए जाएंगे। लेकिन पाली नगर पालिका में स्थिति इसके उलट दिखाई दे रही है। अंदरूनी मतभेदों के कारण कई बार परिषद की एकजुटता पर सवाल उठने लगे हैं।
नगर पालिका के कार्यक्रमों में भी इस खेमेबाजी की झलक देखने को मिल रही है। कई अवसरों पर यह देखा गया कि कुछ पार्षद कार्यक्रमों से दूरी बनाए रखते हैं, जिससे राजनीतिक संदेश भी अलग-अलग निकलते हैं।
फिलहाल पाली नगर पालिका की राजनीति में चल रही इस खींचतान को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। लोगों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि भाजपा नेतृत्व इस अंदरूनी विवाद को कैसे सुलझाता है और परिषद में फिर से एकजुटता कैसे स्थापित होती है। क्योंकि अगर यही स्थिति बनी रही तो इसका असर नगर के विकास कार्यों पर भी पड़ सकता है।


