E7 LIVE की खबर का असर: आखिरकार हटी आंगनबाड़ी की जमीन से कब्जेदारी, संयुक्त कार्रवाई में टूटी चुप्पी
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
बिरसिंहपुर पाली में लंबे समय से अटकी आंगनबाड़ी भवन की राह अब साफ होती नजर आ रही है। E7 LIVE पर लगातार उठाए गए सवालों और खबर के असर के बाद आखिरकार प्रशासन हरकत में आया और आंगनबाड़ी के लिए आवंटित शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटा दिया गया। जिस कार्रवाई को महीनों से जेसीबी नहीं है , चुनाव का काम चल रहा है जैसे बहानों में उलझाया जा रहा था, वह एक ही दिन में संभव हो गई।
प्रकाशित खबर
वार्ड क्रमांक 7 और 8 की आंगनबाड़ी जिस जमीन के अभाव में अब तक किराए के भवन में संचालित हो रही थी, उसी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर राजस्व विभाग, नगर पालिका और महिला एवं बाल विकास विभाग ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। इस दौरान मौके पर राजस्व अमला, नगर पालिका का अमला और महिला बाल विकास विभाग के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
खबर चली, सिस्टम जागा
10 सितंबर 2025 को ही न्यायालय नायब तहसीलदार वृत्त पाली द्वारा अतिक्रमण हटाने के आदेश पारित हो चुके थे और 17 दिसंबर 2025 तक पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने की समय-सीमा भी तय थी। इसके बावजूद महीनों तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। E7 LIVE द्वारा इस मामले को प्रमुखता से उठाने के बाद प्रशासनिक तंत्र में हलचल मची और अंततः जमीन को अतिक्रमण मुक्त किया गया।
संयुक्त कार्रवाई से हटा कब्जा
कार्रवाई के दौरान नगर पालिका द्वारा जेसीबी और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए, जबकि राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर मौजूद रहकर शासकीय भूमि की पहचान और सीमांकन कराया। महिला एवं बाल विकास विभाग ने स्पष्ट किया कि जमीन खाली होने के बाद जल्द ही आंगनबाड़ी भवन निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
स्थानीय लोगों में राहत
अतिक्रमण हटते ही क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली। लंबे समय से किराए के और अस्थायी भवन में चल रही आंगनबाड़ी को लेकर अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों में नाराजगी थी। अब उम्मीद जगी है कि बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को जल्द ही पक्की सुविधा मिल सकेगी।
मीडिया की भूमिका पर फिर मुहर
यह कार्रवाई एक बार फिर साबित करती है कि जब मुद्दे को मजबूती से उठाया जाता है, तो फाइलों में दबे आदेश भी जमीन पर उतरते हैं। E7 LIVE की खबर ने न सिर्फ अतिक्रमण हटवाया, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही पर भी सवाल खड़े किए।
अब निगाह इस बात पर है कि अतिक्रमण हटने के बाद आंगनबाड़ी भवन का निर्माण कितनी तेजी से शुरू होता है, या फिर यह मामला एक बार फिर कागजों में ही सिमट कर रह जाएगा।
