खबर का असर: अमिलिहा में भाजपा नेता के अतिक्रमण पर पटवारी ने लगाई रिपोर्ट, अब नोटिस की तैयारी
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
पाली तहसील के ग्राम अमिलिहा में शासकीय भूमि पर हुए अतिक्रमण को लेकर पिछले दिनों उठी आवाज ने आखिरकार असर दिखाना शुरू कर दिया है। खुद को भाजपा ओबीसी मोर्चा का मंडल अध्यक्ष बताने वाले आर.डी. यादव द्वारा सड़क किनारे सरकारी ज़मीन पर किए गए अवैध निर्माण पर अब प्रशासन सक्रिय हुआ है। पटवारी रविंद्र द्विवेदी ने तहसील कार्यालय में रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है और अब जल्द ही अतिक्रमणकर्ता को नोटिस जारी होने की संभावना जताई जा रही है।
गौरतलब है कि अमिलिहा गांव में जिस खुलेआम अतिक्रमण की बात की गई थी, वह वर्षों से चला आ रहा था और प्रशासन आंख मूंदे बैठा था। भाजपा नेता आर.डी. यादव न सिर्फ खुलेआम सरकारी ज़मीन पर काबिज थे, बल्कि उन्होंने बातचीत में यह भी स्वीकार किया था कि उन्होंने सिर्फ एक कमरा बनाया है और यह कोई नया मामला नहीं है। इससे साफ था कि नेता जी को अपने रसूख पर इतना भरोसा था कि उन्हें किसी कार्रवाई का डर ही नहीं था। बल्कि उन्होंने दूसरों के अतिक्रमण को भी ढाल बनाकर अपने अपराध को तर्कसंगत बताने की कोशिश की।
इस प्रकरण में सबसे अधिक सवाल उठे स्थानीय प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर। अमिलिहा के पटवारी रविंद्र द्विवेदी पहले तो बीमारी का हवाला देकर कार्रवाई से बचते रहे, लेकिन मीडिया की रिपोर्टिंग और जनदबाव के चलते अब उन्होंने कार्रवाई की शुरुआत की है। हालांकि यह सवाल अब भी बना हुआ है कि यदि खबर न छपती, तो क्या वे यह रिपोर्ट लगाते? क्या एक जिम्मेदार राजस्व अधिकारी को अपनी ड्यूटी के लिए मीडिया की याद दिलानी जरूरी है?
पटवारी द्विवेदी का यह बयान कि मैंने रिपोर्ट लगा दी है और अब जल्द ही नोटिस जारी होगा, इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन ने अभी तक इस मामले में कोई स्वतः संज्ञान नहीं लिया था। यह भी समझना जरूरी है कि यदि मीडिया और जनता दबाव न बनाएं तो ये रसूखदार नेता और लापरवाह अधिकारी कितनी आसानी से शासकीय संपत्ति को अपनी जागीर समझते रहेंगे।
तहसीलदार नितेश सिंह ने पहले ही माना था कि उन्हें मामले की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली। यह बयान प्रशासनिक तंत्र की कमजोरियों और फील्ड स्टाफ की निष्क्रियता को दर्शाता है। आखिर इतनी बड़ी जिम्मेदारी के बावजूद प्रशासनिक अधिकारी अपने ही क्षेत्र में हो रहे अतिक्रमण से अनजान कैसे रह सकते हैं?
Umaria News: पाली के अमिलिहा गांव में शासकीय ज़मीन पर भाजपा नेता का अतिक्रमण,प्रशासन भी बना मूकदर्शक
यह पूरा मामला दर्शाता है कि किस प्रकार राजनैतिक पहुंच और प्रशासनिक लापरवाही मिलकर शासकीय संपत्तियों का दुरुपयोग करने वालों के लिए अनुकूल माहौल बना देती है। हालांकि अब जब रिपोर्ट लग गई है और नोटिस की प्रक्रिया शुरू होने की बात कही जा रही है, ग्रामीणों की निगाहें अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या यह सिर्फ एक खानापूर्ति होगी या प्रशासन वास्तव में अवैध कब्जा हटाने की ठोस कार्रवाई करेगा? क्या केवल रिपोर्ट लगाना ही पर्याप्त है या अब बुलडोजर भी चलेगा?
जनता को उम्मीद है कि अब यह मामला भी “जांच जारी है” की सूचनाओं में गुम नहीं होगा और प्रशासन एक मिसाल पेश करेगा कि कानून की नजर में सब समान हैं चाहे वह भाजपा नेता हो या एक आम किसान।
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