बांधवगढ़ के जंगल में नन्हा मेहमान लापता, तीसरे दिन भी जारी है तलाश की कहानी
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के घने जंगल इन दिनों एक नन्हे बाघ शावक की तलाश में खामोश नहीं हैं। सोमवार शाम से लापता हुआ यह शावक बुधवार सुबह तक नहीं मिल सका, जिससे वन विभाग की चिंता और सतर्कता दोनों बढ़ गई हैं। जंगल के हर रास्ते, हर पगडंडी और हर संभावित ठिकाने पर नजर रखी जा रही है।
यह पूरा घटनाक्रम पनपथा बफर क्षेत्र से शुरू होता है, जहां बीट सलखनिया से एक मादा बाघ और उसके दो शावकों को रेस्क्यू किया गया था। देखभाल और सुरक्षित पालन के उद्देश्य से दोनों शावकों को वन परिक्षेत्र ताला के बीट बठान स्थित इन्क्लोजर में रखा गया। योजना थी कि कुछ ही समय में उन्हें बड़े इन्क्लोजर में शिफ्ट किया जाएगा, ताकि वे स्वाभाविक माहौल में रह सकें।
लेकिन 5 जनवरी 2026 की शाम करीब 6:30 बजे कहानी ने अचानक मोड़ ले लिया। परिवहन की तैयारी के दौरान लगाए गए केज का सहारा लेकर एक शावक इन्क्लोजर से बाहर निकल गया। कुछ ही पलों में यह खबर जंगल की आग की तरह फैल गई। सूचना मिलते ही वन विभाग में हलचल मच गई और वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल अवगत कराया गया।
इसके बाद शुरू हुआ एक व्यापक और सुनियोजित सर्च ऑपरेशन। पालतू हाथियों को जंगल में उतारा गया, पेट्रोलिंग वाहनों की संख्या बढ़ाई गई और विशेष गश्ती दलों को संभावित मूवमेंट एरिया में तैनात किया गया। बफर क्षेत्र और आसपास के जंगलों में चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है।
वन अधिकारियों का कहना है कि शावक की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और अब तक की स्थिति नियंत्रण में है। उम्मीद है कि जल्द ही यह नन्हा बाघ सुरक्षित मिल जाएगा और जंगल की यह बेचैन कहानी एक सुखद अंत तक पहुंचेगी।
