तीन सूत्रीय मांगों को लेकर स्थाई कर्मियों का प्रदर्शन, सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
मध्य प्रदेश स्थाई कर्मी कल्याण संघ उमरिया इकाई द्वारा अपनी तीन सूत्रीय मांगों और श्रम कानूनों में किए गए बदलावों के विरोध में कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली गई। रैली का नेतृत्व संघ के प्रदेश सचिव विनोद कुमार भट्ट ने किया। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।
प्रदेश सचिव विनोद भट्ट ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा दैनिक वेतन भोगी, सुरक्षा श्रमिक और अंशकालिक पदों को सांख्येतर घोषित कर समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले से प्रदेशभर के जमीनी कर्मचारियों में गहरा असंतोष और चिंता का माहौल है। इन कर्मचारियों ने 15 से 25 वर्षों तक बेहद कम वेतन में लगातार सेवा इस उम्मीद में दी कि भविष्य में उन्हें नियमितीकरण का लाभ मिलेगा, लेकिन अब पद समाप्त करने के निर्णय से उनके और उनके बच्चों के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है।
संघ का कहना है कि यह निर्णय अल्प वेतन भोगी कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है और उनके साथ अन्याय है। ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से मांग की गई कि प्रदेश के स्थाई कर्मियों को पुनरीक्षित सातवां वेतनमान दिया जाए और शासकीय कर्मचारियों के समान सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
इसके साथ ही वन विभाग में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी सुरक्षा श्रमिकों की योग्यता और अनुभव को ध्यान में रखते हुए रिक्त पदों पर भर्ती में उन्हें प्राथमिकता दी जाए और नियमित किया जाए। अंशकालिक कर्मचारियों को पूर्णकालिक मानते हुए उनकी योग्यता और वरिष्ठता के आधार पर नियमितीकरण की भी मांग संघ ने रखी।
प्रदर्शन के दौरान संघ पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार के इस निर्णय से कर्मचारियों का मनोबल टूट रहा है और वर्षों की सेवा के बावजूद उन्हें असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है। यदि शासन ने जल्द ही न्यायसंगत और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो संघ प्रदेशभर के दैनिक वेतन भोगी, स्थाई कर्मी और सुरक्षा श्रमिकों के साथ भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री का घेराव करेगा। ज्ञापन सौंपते समय बड़ी संख्या में कर्मचारी और संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे।
