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ओवरलोड ट्रकों की दौड़ जारी, जिम्मेदारों की भूमिका पर सवाल

Tapas Gupta

By Tapas Gupta

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ओवरलोड ट्रकों की दौड़ जारी, जिम्मेदारों की भूमिका पर सवाल

उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)

उमरिया जिले में ओवरलोड वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाने के पीछे अब कई चौंकाने वाली बातें सामने आने लगी हैं। सूत्रों के अनुसार एसपी कार्यालय में पदस्थ एक सब-इंस्पेक्टर इन दिनों कॉलरी क्षेत्र में सक्रिय ट्रांसपोर्टरों से लगातार संपर्क में है। आरोप है कि वह सीधे तौर पर ट्रांसपोर्टरों से लेनदेन की बात कर रहा है, जिसके चलते ओवरलोड ट्रकों की आवाजाही पर रोक नहीं लग पा रही है।

बताया जा रहा है कि नौरोजाबाद और आसपास के कॉलरी क्षेत्रों से कोयले की ढुलाई करने वाले कई ट्रांसपोर्टरों से उक्त सब-इंस्पेक्टर ने संपर्क साध लिया है। चर्चा है कि वह केवल जिला स्तर ही नहीं बल्कि संभाग के अधिकारियों के नाम का हवाला देकर भी अपनी मांग रख रहा है, जिससे ट्रांसपोर्टरों पर दबाव बनाया जा सके।

एंट्री के नाम पर वसूली की चर्चा

कॉलरी क्षेत्र में साइडिंग तक कोयला पहुंचाने वाले ट्रकों से कथित तौर पर एंट्री के नाम पर वसूली की जा रही है। सूत्र बताते हैं कि यह वसूली प्रति टन के हिसाब से तय की जा रही है। ट्रकों से अलग-अलग वसूली करने के बजाय सीधे ट्रांसपोर्टरों से संपर्क कर पूरी व्यवस्था तय करने की कोशिश की जा रही है।

कुछ ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि फिलहाल क्षेत्र में कोयला ढुलाई का काम पहले की तुलना में कम है। ऐसे में अतिरिक्त भुगतान करना उनके लिए मुश्किल हो रहा है। इसके बावजूद दबाव बनाकर भुगतान कराने की कोशिशों की चर्चा जोरों पर है।

कॉलरी प्रबंधन की भूमिका भी सवालों में

इस पूरे मामले में केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि कॉलरी प्रबंधन के कुछ अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार कॉलरी के एरिया सेल्स मैनेजर और साइड इंचार्ज की जानकारी के बिना साइडिंग तक ट्रकों की आवाजाही संभव नहीं है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि यदि एंट्री के नाम पर वसूली हो रही है तो क्या कॉलरी प्रबंधन को इसकी जानकारी नहीं है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कॉलरी प्रबंधन और पुलिस विभाग सख्ती से कार्रवाई करें तो ओवरलोड ट्रकों की समस्या पर आसानी से रोक लग सकती है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी कई तरह के संदेह पैदा कर रही है।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जिले के वरिष्ठ अधिकारी इन चर्चाओं को कितनी गंभीरता से लेते हैं। यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होती है तो ओवरलोड वाहनों की समस्या के साथ-साथ कथित वसूली के इस नेटवर्क की परतें भी खुल सकती हैं। फिलहाल जिले में ट्रांसपोर्टरों और कॉलरी क्षेत्र में इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं जारी हैं।

Tapas Gupta

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मै तपस गुप्ता 9 सालों से लगातार पत्रकारिता मे सक्रिय हूं, समय पर और सटीक जानकारी उपलब्ध कराना ही मेरी पहली प्राथमिकता है। मो-7999276090

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