कुएं में गिरने से बाघ की मौत, 24 घंटे में दूसरी घटना से टाइगर रिजर्व प्रबंधन पर सवाल
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
जिले के धमोखर परिक्षेत्र के अंतर्गत ग्राम रायपुर के कुदरी टोला में गुरुवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब खेत में बने एक पुराने कुएं में बाघ का शव दिखाई दिया। गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित इस कुएं से तेज दुर्गंध आने पर ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। जानकारी मिलते ही पार्क प्रबंधन और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुएं से उठ रही दुर्गंध से यह आशंका जताई जा रही है कि बाघ की मौत 48 घंटे से अधिक समय पहले हो चुकी थी। शव की स्थिति भी इसी ओर इशारा कर रही थी। घटना इसलिए और गंभीर मानी जा रही है क्योंकि इससे महज 24 घंटे पहले ही एक बाघ शावक की मौत सामने आई थी। इतने कम अंतराल में दो बाघों की मौत ने टाइगर रिजर्व की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर बाघ का शव मिला, वह जंगल चौकी के काफी नजदीक है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि नियमित गश्त और निगरानी के बावजूद इस तरह की घटना कैसे हो गई। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि क्षेत्र में कई पुराने और खुले कुएं मौजूद हैं, जो बाघ सहित अन्य वन्यजीवों के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं।
इस घटना ने वन विभाग के सामने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। वन्यजीव प्रेमियों में भी इसको लेकर गहरी चिंता देखी जा रही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते खुले कुओं और अन्य खतरनाक स्थानों को सुरक्षित नहीं किया गया, तो ऐसी घटनाएं दोहराई जा सकती हैं।
मामले पर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर अनुपम सहाय ने पुष्टि करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया बाघ की मौत कुएं में गिरने से हुई प्रतीत होती है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल वन विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है और पूरे मामले की जांच जारी है।
