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Umaria News: पुनः मेंटेनेंस के बावजूद बंद हुई यूनिट, ठेकेदारों और मुख्य अभियंता की भूमिका पर उठे सवाल

Tapas Gupta

By Tapas Gupta

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Umaria News: पुनः मेंटेनेंस के बावजूद बंद हुई यूनिट, ठेकेदारों और मुख्य अभियंता की भूमिका पर उठे सवाल

भाजपा नेता से नजदीकियों के चलते बेखौफ हैं संजय गांधी ताप परियोजना के अधिकारी

उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)

उमरिया जिले के संजय गांधी ताप विद्युत परियोजना की 210 मेगावाट क्षमता वाली एक यूनिट एक बार फिर तकनीकी खामी के चलते बंद हो गई है। बॉयलर ट्यूब लीकेज के कारण इस यूनिट को अचानक बंद करना पड़ा। हैरानी की बात यह है कि यह वही यूनिट है जो लगभग 11 महीने तक बंद रही थी और उसके मेंटेनेंस पर कंपनी ने करोड़ों रुपये खर्च किए थे।

विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, यूनिट की मरम्मत का कार्य एक निजी ठेकेदार को सौंपा गया था, जिसने भारी-भरकम बजट के बावजूद घटिया सामग्री और अधकचरे कार्यबल के भरोसे इस यूनिट को फिर से चालू कराया। परिणामस्वरूप, कुछ ही हफ्तों में यूनिट दोबारा फेल हो गई। इससे यह स्पष्ट होता है कि मेंटेनेंस कार्य में भारी अनियमितता और लापरवाही बरती गई, जिसकी पूरी जिम्मेदारी परियोजना के तकनीकी प्रबंधन पर जाती है।

सबसे बड़ा सवाल उठता है इस परियोजना के मुख्य अभियंता एच.के. त्रिपाठी की भूमिका पर। स्थानीय स्तर पर चर्चाएं हैं कि त्रिपाठी जी भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के बेहद करीबी माने जाते हैं। इसी राजनीतिक संरक्षण के चलते वे बिना किसी डर के मनमाने फैसले लेते आ रहे हैं। यही कारण है कि ठेकेदारों को खुली छूट दी गई, जिनका मुख्य उद्देश्य गुणवत्ता नहीं बल्कि अधिकतम लाभ कमाना रहा।

गौरतलब है कि यह यूनिट लगातार 20 वर्षों तक सफलतापूर्वक उत्पादन देती रही थी, लेकिन अब बार-बार खराब हो रही है, जो यह दर्शाता है कि परियोजना में तकनीकी स्तर पर जानबूझकर गड़बड़ी की जा रही है। इससे उत्पादन ठप होने के साथ-साथ राज्य की बिजली आपूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।

परियोजना के अंदरूनी सूत्रों का आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। मेंटेनेंस, ओवरहॉलिंग और टेंडर प्रक्रियाओं में ठेकेदारों और अधिकारियों की जुगलबंदी वर्षों से चल रही है। शिकायतों के बावजूद उच्च प्रबंधन और सरकार की ओर से कोई ठोस जांच नहीं की गई, जिससे भ्रष्टाचारियों के हौसले बुलंद हैं।

फिलहाल, इस यूनिट के बंद होने से न सिर्फ बिजली उत्पादन ठप हो गया है, बल्कि करोड़ों रुपये का मेंटेनेंस व्यर्थ चला गया है। जरूरत है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी ठेकेदारों व अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए, ताकि परियोजना को और राज्य के खजाने को लगातार हो रहे नुकसान से बचाया जा सके।

Tapas Gupta

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मै तपस गुप्ता 9 सालों से लगातार पत्रकारिता मे सक्रिय हूं, समय पर और सटीक जानकारी उपलब्ध कराना ही मेरी पहली प्राथमिकता है। मो-7999276090

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