उपखंड मझौली के जनसुनवाई में शामिल हुए कलेक्टर
कुछ आवेदकों में खुशी तो कुछ में दिखी निराशा
*संजय सिंह मझौली*
जिले में प्रत्येक मंगलवार को जिला मुख्यालय सहित उपखंड मुख्यालयों पर होने वाली जनसुनवाई को और अधिक प्रभावी,परिणाममुखी एवं जन्नोंमुखी बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर विकास मिश्रा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 28 जुलाई को उपखंड कार्यालय मझौली के जनसुनवाई कार्यक्रम मे शामिल हुए जहां लगभग एक सैकड़ा से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए।उनमें कई आवेदकों के चेहरे में खुशी देखी गई जबकि कुछ आवेदक निराश देखे गए।
*आवेदकों की भारी भीड़ बनी-बड़ी चुनौती*
अगर कलेक्टर की कार्यशैली पर नजर दौड़ाई जाए तो जिस तरह उनके द्वारा जनसुनवाई में प्रत्येक आवेदन पर गंभीरता से विचार करते हैं एवं आवेदक से संवाद कर उसे संतुष्ट करने के लिए संबंधित विभाग को निर्देश जारी करते हैं और गंभीर मामलों में खुद अपना मोबाइल नंबर पीड़ित लोगों को देकर प्रशासन तंत्र को संदेश देते हैं कि प्रत्येक आवेदन का निराकरण समय सीमा में करना उनका कर्तव्य भी है और अनिवार्य भी है।शायद यही वजह है कि जैसे ही ग्रामीणों को जानकारी हुई कि जनसुनवाई में कलेक्टर आएंगे तो भारी तादाद में आवेदक अपनी-अपनी समस्या लेकर पहुंचे जबकि उनके कई कार्यक्रम निर्धारित थे जिस वजह से सभी आवेदनों पर समाधान देना और सुन पाना बड़ी चुनौती बन गई।यही वजह है कि जिनके आवेदनों पर विचार किया गया और कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया उनके चेहरों में तो खुशी देखी गई लेकिन जो लाइन में ही लग रहे अथवा उनके आवेदनों को पंजीयन कर रख लिया गया जिस कारण आवेदक खुद अपना आवेदन लेकर कलेक्टर के पास नहीं पहुंच सके जिस कारण उनमें निराशा देखी गई जिनका कहना था कि अगर खंड स्तर के जनसुनवाई में समाधान मिल जाता तो कलेक्टर को आवेदन देने की जरूरत ही नहीं थी। जब हम लोग अपना सारा काम छोड़कर कलेक्टर साहब को अपनी समस्या सुनाने के लिए आए तो यहां उनके पास समय ही नहीं है फिर उन्हें किस तरह न्याय मिलेगा और उनकी समस्या का समाधान खंड स्तर के अधिकारी कर पाएंगे इस बात पर उन्हें संदेह लग रहा है।
बताते चलें कि कलेक्टर सुबह सीधी से चलकर 10:00 बजे हायर सेकेंडरी विद्यालय ताला पहुंचे जहां निरीक्षण करने के बाद वहां से चलकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझौली का निरीक्षण किया गया इसके बाद जनसुनवाई कार्यक्रम में शामिल होकर वहीं राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा की गई। इसके बाद नगर परिषद मझौली, मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मझौली एवं महाविद्यालय मझौली सहित अन्य कार्यालयों का निरीक्षण किया गया।
*खतरे के साए में जर्जर भवन में बैठे रहे कर्मचारी व ग्रामीण*
जनसुनवाई कार्यक्रम में सबसे खास चर्चा इस बात पर रही कि जनपद कार्यालय का वह भवन जो 50 वर्ष से भी पुराना है और जीर्ण शीर्ण अवस्था में है जहां सैकड़ो की तादाद में ग्रामीण एवं कर्मचारी धूप से बचने के लिए बैठे रहे जबकि कुछ दिन पूर्व कलेक्ट्रेट परिसर एवं तहसील कार्यालय रामपुर नैकिन में जर्जर भवन के ढहने से बडा हादसा हुआ था उससे सबक नहीं लिया गया।
*इनका कहना*
तीन माह पूर्व तहसीलदार के द्वारा आदेश जारी किया गया लेकिन राजस्व निरीक्षक एवं पटवारी के द्वारा आज तक उसका क्रियान्वयन नहीं किया गया जिसको लेकर जनसुनवाई में आए थे लेकिन कलेक्टर साहब के पास पहुंच नहीं पाए मेरे आवेदन को पंजीयन कर रख दिया गया है जिस कारण हम निराश हैं कि हमें न्याय मिलेगा कि नहीं।
*रामफल साकेत परसिली (ताल टोला)*
ज्यादा भीड़ के कारण मेरे आवेदन पर विचार नहीं किया गया है और कलेक्टर साहब द्वारा कहा गया कि आप हाई कोर्ट जा सकते हैं जिससे हम निराश हैं कि आखिर जनसुनवाई का मतलब क्या है।
*पंकज सिंह आवेदक*
मेरे दो बच्चों का खाद्यान्न पात्रता पर्ची में नाम नहीं था और मेरे आवेदन को कलेक्टर साहब के द्वारा गंभीरता से लिया गया और मौके से खाद्य विभाग के अधिकारी को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया जिससे उम्मीद है कि मेरी समस्या का समाधान जरूर होगा।
*छोटेलाल प्रजापति आवेदक देवई*

