11 साल से भुगतान का इंतजार, जनसुनवाई में फिर पहुंचा टेंट व्यवसायी का मामला

11 साल से भुगतान का इंतजार, जनसुनवाई में फिर पहुंचा टेंट व्यवसायी का मामला

पंचायत चुनाव में प्रशासन के आदेश पर लगाई थी 20 लाख की टेंट सामग्री, मिले सिर्फ 8.76 लाख; अदालतों से राहत के बाद भी बकाया भुगतान अधर में

सीधी/सिहावल। पंचायत चुनाव में प्रशासन के लिखित आदेश पर टेंट सामग्री उपलब्ध कराने के बावजूद 11 वर्षों से भुगतान के लिए भटक रहे व्यवसायी का मामला एक बार फिर कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचा है। सिहावल निवासी राकेश मिश्रा का दावा है कि वर्ष 2014-15 के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में उन्होंने 13 दिनों तक प्रशासन को टेंट सामग्री उपलब्ध कराई थी। कुल भुगतान 20 लाख 4 हजार 900 रुपये बनता था, लेकिन अब तक सिर्फ 8 लाख 76 हजार 700 रुपये का भुगतान किया गया है। शेष लाखों रुपये आज भी लंबित हैं।

शिकायत से विधानसभा और अदालत तक पहुंचा मामला

राकेश मिश्रा के अनुसार बकाया भुगतान के लिए वर्ष 2015 से सीएम हेल्पलाइन, एमपी समाधान, कलेक्टर जनसुनवाई और निर्वाचन कार्यालय सहित विभिन्न स्तरों पर शिकायतें की गईं। मामला विधानसभा में भी उठाया गया। सूचना के अधिकार के तहत दस्तावेज हासिल करने के लिए उन्हें अपील तक करनी पड़ी।

व्यवसायी का दावा है कि प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्तर के न्यायालयों से भी उनके पक्ष में निर्णय आ चुके हैं, इसके बावजूद शेष राशि का भुगतान नहीं किया गया।

11 साल में तारीखें मिलीं, भुगतान नहीं

व्यवसायी का आरोप है कि हर बार जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया गया, लेकिन फाइल एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय तक घूमती रही। चुनाव व्यवस्था पूरी करने के लिए उन्होंने पांच अन्य टेंट व्यवसायियों से भी सामग्री लेकर प्रशासन को उपलब्ध कराई थी और भुगतान नहीं मिलने के बावजूद उनका किराया अपनी जेब से चुकाया।

अब 11 साल बाद एक बार फिर जनसुनवाई में मामला पहुंचने से सवाल उठ रहा है कि आखिर सरकारी आदेश पर कराया गया काम होने के बावजूद बकाया भुगतान कब होगा और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही कब तय होगी?

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